रोगों की पहचान

रोगों की पहचान
Rogon Ki Pehchaan
सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा
स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)
DevanagariHindipublished128 पृष्ठ
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रोगों की पहचान
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- ❑ पेट बाहर की ओर निकल आता है।
- ❑ मुँह खुला-सा हो जाता है।
रोग होने की संभावना
- ❑ फेफड़े खराब होने की संभावना रहती है।
- ❑ दाँतों के खराब होने की संभावना रहती है।
- ❑ आँख के रोग होने की संभावना रहती है।
- ❑ सिर में गंज पड़ सकती है।
- ❑ खसरा (एक प्रकार का दानेदार संक्रामक रोग) हो सकता है।
- ❑ ज्वर हो सकता है।
सामने के भाग में यदि दूषित पदार्थ जमा हो जाए तो उसे निकालना मुश्किल नहीं होता है। इससे उत्पन्न रोग दाएँ-बाएँ के जमाव से भयंकर नहीं होते।
दाएँ या बाएँ भाग में दूषित पदार्थ के जमाव से रंग-रूप में आने वाले बदलाव
जब गंदे पदार्थ का जमाव दाएँ या बाएँ भाग में होता है तो शरीर में निम्नलिखित में से कुछ बदलाव आ सकते हैं-
- ❑ सिर दाएँ या बाएँ, जहाँ भी दूषित पदार्थ इकट्ठा होगा, वहाँ की तरफ झुक जाता है।
- ❑ जिस ओर जमाव होगा, उस तरफ की गर्दन फूली हुई और सख्त हो जाती है।
- ❑ दाएँ या बाएँ में से, जहाँ दूषित पदार्थ का जमाव होगा, केवल वहाँ का हिस्सा बड़ा और चौड़ा हो जाने की वजह से पूरा शरीर बेडौल हो जाता है।
- ❑ दूषित पदार्थ के जमाव वाली साइड से चेहरा ज्यादा लंबा हो जाता है।