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रोगों की पहचान

रोगों की पहचान

Rogon Ki Pehchaan

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

DevanagariHindipublished128 पृष्ठ

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साहिब बन्दगी

एक साधारण चम्मच-भर चूर्ण निकालकर एक छोटी प्याली में डालें। अब इसमें थोड़ा पानी मिलाकर लेप तैयार करें। 20-25 मिनट बाद इसे अपने चेहरे पर लगा लें। यह लेप कम-से-कम आधा घण्टा लगाए रखें और फिर रगड़कर साफ करें। अंत में तौलिये को गर्म पानी में गीला करके सेंक दें।

गाय के कच्चे दूध के साथ जायफल को किसी पत्थर पर घिसकर मुँह पर लेप करें।

जैतून का तेल मुँहासों पर लगाएँ।

खाज खुजली होने पर

10 ग्राम नारियल तेल को गर्म करके उसमें 16 ग्राम कपूर मिला लें। यह दवा खुजली वाले स्थान पर लगाएँ।

चंदन के तेल में नींबू का रस मिलाकर मालिश करें।

शरीर से दुर्गंध आने पर

बेल की जड़ को हरड के साथ पीसकर उसका लेप बनाकर बगल में लगाएँ।

बेल के पत्तों का रस शरीर पर मलें।

हरड, आम की छाल, लोश्र, खस और चंदन का लेप शरीर पर लगाकर नहाना शरीर की बदबू से छुटकारा दिलाता है।

जोड़ों में दर्द होने पर

त्रयोदशांग गुगल की 2 गोली सुबह-शाम गर्म पानी के साथ लें।

सरसों के तेल में प्याज का रस मिलाकर दर्द वाले स्थान पर मलें।

राई के तेल की मालिश भी लाभकारी सिद्ध होती है।

गठिया होने पर

नागौरी असगंध की जड़ के साथ मिश्री बराबर मात्रा में ले अच्छी तरह पीस-छानकर किसी शीशी में रख लें। दिन में दो बार यह