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रोगों की पहचान

रोगों की पहचान

Rogon Ki Pehchaan

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

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रोगों की पहचान

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चूर्ण 5 ग्राम की मात्रा में दूध के साथ लेना बहुत ही लाभकारी रहता है।

गंजापन होने पर

  • ❑ शहद में कटेरी का रस मिलाकर गंज वाले स्थान पर लगाएँ।
  • ❑ सीताफल के पत्तों को पीस कर गंज वाली जगह लगाएँ।

बाल झड़ने पर

  • ❑ एक नींबू के रस में उससे डेढ़गुना नारियल का तेल मिलाकर सिर पर धीरे-धीरे बालों की जड़ों में मलें।

घाव हो जाने पर

  • ❑ नीम के पत्तों को गर्म पानी से धोकर घाव वाले स्थान की सफाई करें। अब तेल और शहद मिलाकर उसमें रूई डालकर तर करें और फिर घाव वाली जगह लगाएँ।
  • ❑ पीपल की छाल को घिसकर घाव वाले स्थान पर लेप करें।

घाव में कीड़े हो जाने पर

  • ❑ लहसुन को पीसकर घाव वाले स्थान पर बाँध दें।
  • ❑ सीताफल के पत्तों को पीस कर घाव वाले स्थान पर लेप करें।
  • ❑ करौंदे की जड़ को पानी में पीस लें। अब उस लेप को घाव वाली जगह करें।
  • ❑ नीम की छाल और और हींग का लेप घाव वाली जगह करें।

बाल सफेद होने पर

  • ❑ नारियल के पानी में नींबू के छिलके डालकर 7 दिन तक धूप लगाएँ। आठवें दिन इसे छान लें। यह दवा बालों की जड़ों में रगड़ना बहुत लाभकारी सिद्ध होता है।