भारतकोश
रोगों की पहचान

रोगों की पहचान

Rogon Ki Pehchaan

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

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रोगों की पहचान

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लौकी से रोगों का निदान

गुर्दे में दर्द होने पर

  • ▣ लौकी का रस निकालकर थोड़ा गर्म करके धीरे-धीरे मालिश करें। फिर लौकी को पीसकर उसका लेप कर दें।

बवासीर होने पर

  • ▣ लौकी के पत्तों को पीसकर लेप करें।

बिच्छू के काटने पर

  • ▣ लौकी का रस निकालकर पिलाएँ और लौकी को पीसकर काटे स्थान पर लेप कर दें।

पैरों में जलन होने पर

  • ▣ लौकी को काटकर पैरों के तलवे पर मलें।

टी. बी होने पर

  • ▣ लौकी के गूदे पर स्वादानुसार मिश्री डालकर नित्य खाएँ।

पपीते से रोगों का निदान

नोट : गर्भावस्था में पपीते का सेवन अधिक करने से गर्भ गिर सकता है।

पेट में कीड़े होने पर

  • ▣ पपीते के 8 बीज पानी में पीस कर आधा प्याली पानी के साथ हफ्ता-दस दिन लें।

लीवर की खराबी होने पर

  • ▣ सुबह मूली के साथ नित्य पपीते का सेवन करें।

कब्ज होने पर

  • ▣ सुबह पपीता खाकर ऊपर से दूध पी लें।