भारतकोश
रोगों की पहचान

रोगों की पहचान

Rogon Ki Pehchaan

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

DevanagariHindipublished128 पृष्ठ

पृष्ठ 96, कुल 128 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 96

७६

साहिब बन्दगी

सेब द्वारा रोगों का निदान

भूख कम लगने पर

☐ खट्टे सेब का रस निकालकर उसमें आटा गूँदे और वो रोटी खाएँ।

अनिद्रा होने पर

☐ सेब का मुरब्बा नित्य खाएँ।

बवासीर के मससे होने पर

☐ खट्टे सेब का रस मससों पर लगाएँ। बहुत लाभकारी है।

पथरी होने पर

☐ नित्य सेब के रस का सुबह-शाम सेवन करें।

ज्वर होने पर

☐ सेब ज्वर को उतारने में सहायक है। अतः ज्वर में इसका सेवन करें।

जामुन द्वारा रोगों का निदान

नोट : जामुन के साथ या एक घण्टे तक दूध पीना ठीक नहीं।

पाचन क्रिया में खराबी होने पर

☐ पेड़ से उतारे गये ताजे जामुन का सेवन करें।

पेट दर्द होने पर

☐ जामुन के रस में सेंधा नमक डालकर पिएँ।

मधुमेह होने पर

☐ हररोज़ जामुन का सेवन करें और जामुन की गुठली का चूर्ण पानी के साथ लें। यह बहुत ही लाभकारी है।