भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

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अध्याय १७ : ८९

आनन्द आदि योग चक्र

योग

क्रमक्रमरविवारसोम०मंगलबुधगुरुशुक्रशनि
नक्षत्रन०न०न०न०न०न०
१-अश्विनी१३१७२१२५
२-भरणी१०१४१८२२२६
३-कृतिका१११५१९२३२७
४-रोहिणी१२१६२०२४२८
५-मृगशिर१३१७२१२५
६-आर्द्रा१०१४१८२२२६
७-पुनर्वसु१११५१९२३२७
८-पुष्य१२१६२०२४२८
९-आश्लेषा१३१७२१२५
१०१०-मघा१४१८२२२६
११११-पू० फा०१५१९२३२७
१२१२-उ० फा०१६२०२४२८
१३१३-हस्त१७२१२५
१४१४-चित्रा१८२२२६१०
१५१५-स्वाती१९२३२७११
१६१६-विशाखा२०२४२८१२
१७१७-अनुराधा२१२५१३
१८१८-ज्येष्ठा२२२६१०१४
१९१९-मूल२३२७१११५
२०२०-पू. वा.२४२८१२१६
२१२१-उ. वा.२५१३१७
२२२२-अभिजित२६१०१४१८
२३२३-श्रवण२७१११५१९
२४२४-धनिष्ठा२८१२१६२०
२५२५-शतभिषा१३१७२१
२६२६-पू. भा.१०१४१८२२
२७२७-उ. भा.१११५१९२३
२८२८-रेवती१२१६२०२४
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