भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished288 पृष्ठ

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११०: सचित्र ज्योतिष शिक्षा, प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड

चित्र संख्या ६७

आकाश में द्वादश भाव

उदय

अब इन्हीं स्थानों को फिर से क्रम पूर्वक समझाते हैं। देखो चित्र संख्या ६८ (१) जहाँ सूर्य उदय होता है वह उदय स्थान है इसी को लग्न कहते हैं। यहाँ कुण्डली में कुंभ राशि लग्न में है। (२) आगे द्वितीय स्थान है, इसमें मीन राशि है, (३) तृतीय स्थान में मेष राशि है, (४) चतुर्थ में वृष राशि, (५) पंचम में मियुन राशि, (६) षष्ठ में कर्क राशि (७) सप्तम भाव में सिंह राशि, (८) अष्टम भाव में कन्या राशि, (९) नवम भाव में तुला राशि, (१०) दशम भाव में वृश्चिक राशि (११) एकादश भाव में धन राशि और (१२) द्वादश भाव में अकर राशि है।

चित्र संख्या ६८

लग्न कुंडली

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