भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

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( १४ )

चित्रपृष्ठ
बारह राशियों के कल्पित स्वरूप
४२ मेष३७
४३ वृष३७
४४ मिथुन३७
४५ कर्क३७
४६ सिंह३७
४७ कन्या३७
४८ तुला३८
४९ वृश्चिक३८
५० धन३८
५१ मकर३८
५२ कुंभ३८
५३ मीन३८
५४ अक्षांश और देशान्तर३९
५५ ध्रुव की ऊँचाई का नाप४२
५६ इलाहाबाद में मध्याह्न में
सूर्य की ऊँचाई४३
५७ नरासिंह पुर में मध्याह्न में
सूर्य की ऊँचाई४३
५८ नाड़ीवृत्त, क्रांतिवृत्त, भोग
और शर४८
५९ दूसरा उदाहरण शर भोग
आदि का४९
६० क्षितिज, क्रांतिवृत्त,
नाड़ीवृत्त ध्रुव५०
६१ सम्पात बिन्दु५५
६२ क्रांति सीमा नाड़ी वृत्त
आदि५६
६३ आकाश में पूर्व दशम अस्त
पाताल१०६
६४ आकाश की दिशाओं दर्शक
चित्र१०६
चित्रपृष्ठ
६५ आकाश का चौकोर चित्र१०८
६६ लग्न दशम अस्त पाताल
दर्शक चौकोर चित्र१०९
६७ आकाश में द्वादश भाव११०
६८ लग्न कुंडली११०
६९ भाव सूचक लग्न कुंडली१११
७० आकाश में लग्न से अस्त
तक भाव११६
७१ राशियों के घूमने का क्रम
और स्वराशि१३२
७२ स्वराशि दर्शक चित्र१३३
७३ ग्रह की दृष्टि सूचक चित्र
ग्रहों के कल्पित स्वरूप के चित्र१४६
७४ रवि१५९
७५ चन्द्र"
७६ मंगल"
७७ बुध"
७८ शुक्र"
७९ शुक"
८० शनि"
८१ राहु"
८२ केतु"
८३ ध्रूपघड़ी बनाना१७४
८४ ध्रूपघड़ी का चक्र बनाना१७५
८५ समय सूचक चक्र और ध्रुव
का अक्षांश१७५
८६ सू्मि पर ध्रूपघड़ी बनाना
८७ कुण्डली के भिन्न-भिन्न प्रकार
और पाश्चात्य पद्धति से कुंडली२३३-२३६
८८ दिशाओं की राशियाँ
और भाव२६७