सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १
Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 175, कुल 288 में से
संदर्भ में पढ़ेंग्रह गुणधर्म : १४७
सकता है। ये ग्रह किस धातु से सम्बन्ध रखते हैं, उनका तत्व क्या है, गुण कैसा है किस प्रकार की पीड़ा करते हैं, कहीं पीड़ा करते हैं, कौन ग्रह किस कुटुम्बी का सूचक है, किस दशा में विशेष प्रभाव करते हैं, इत्यादि बातें आगे दिए हुए चक्र से प्रगट होंगी।
इन सब बातों का विचार कर फल अनुमान करना होता है। जैसे चोरी के प्रश्न में विचार करना है, तो चोर की कौन जाति होगी, क्या अवस्था होगी, माल किस प्रकार के स्थान में रखा होगा इत्यादि बातें राशि और ग्रह गुणधर्म के अनुसार विचार करना पड़ता है। ग्रह शरीर के किस स्थान पर, किस तत्व का प्रभाव, किस धातु द्वारा करता है या आजीविका किसके द्वारा मिलेगी। वह ग्रह कैसे दोष उत्पन्न करेगा, किस अंग में पीड़ा करेगा इत्यादि बातें ग्रह की स्थिति के अनुसार बुद्धि से विचारना पड़ता है।
ग्रह के गुणधर्म का उपयोग फल विचारने में काम आता है। फलित विषय में समय-समय पर इसका उपयोग होगा। इस कारण ग्रहों के गुणधर्म ध्यान में रखना चाहिए।
इनकी शैली आदि के सम्बन्ध में इस प्रकार भी विचार होता है—तत्व का योग—वायु ( शनि ), अग्नि ( मंगल ) और पृथ्वी तत्व ( बुध ) ये एक ही राशि के होने से आधी ( तूफान ) आदि उत्पन्न करते हैं। अग्नि ( मंगल ) और आकाश ( गुरु ) से भूकम्प अग्नि ( सूर्य या मंगल ) और जल तत्व ( चन्द्र या शुक्र ) से वर्षा।
ग्रह गुण धर्मचक्र—
| गुणधर्म | सूर्य | चंद्र | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि | राहु | केतु |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| १ | शरीर | आत्मा | मन | शारीरिक | वाणी | ज्ञान | कामदेव | दुःख | दुःख |
| (चित्त) | शक्ति | (विद्या) | बुद्धि | (सांसा-) | (विपत्ति) | ||||
| (पराक्रम) | रिक् | मुख |
| २ | पदवी | राजा | रानी | सेनापति | युवराज | मन्त्री | मन्त्री | प्यादा | (सेवक) |
|---|
३ | धातु | हड्डी | रक्त | पर्वा | त्वचा | भस्तिष्क | वीर्य | नसं | ---|---|---|---|---|---|---|---|---|--- ४ | तत्व | अग्नि | जल | अग्नि | पृथ्वी | आकाश | जल | वायु | ५ | त्रिदोष | पित्त | कफ | पित्त | सम | सम | कफ | वात | वात | | (प्रकृति) | | | | | | |
| ६ | वर्ण(रंग) | रक्त | शुक्ल | रक्त | हरा | पीत | ध्वेत | कृष्ण | कृष्ण | धूम्र |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ७ | जाति | क्षत्रिय | वैश्य | क्षत्रिय | शूद्र | विप्र | विप्र | शूद्र | स्नेहक | स्नेहक |
| ८ | अवस्था | बृद्ध | युवा | युवा | बाल | बृद्ध | युवा | बृद्ध | बृद्ध | बृद्ध |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ९ | लिंग | पुरुष | स्त्री | पुरुष | नपुंसक | पुरुष | स्त्री | नपुंसक | स्त्री | पुरुष |
| १० | दिशा | पूर्व | वायव्य | दक्षिण | उत्तर | ईशान | आग्नेय | पश्चिम | नैऋत्य | नक्षत्र |
|---|