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सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished288 पृष्ठ

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ग्रह गुणधर्म : १४७

सकता है। ये ग्रह किस धातु से सम्बन्ध रखते हैं, उनका तत्व क्या है, गुण कैसा है किस प्रकार की पीड़ा करते हैं, कहीं पीड़ा करते हैं, कौन ग्रह किस कुटुम्बी का सूचक है, किस दशा में विशेष प्रभाव करते हैं, इत्यादि बातें आगे दिए हुए चक्र से प्रगट होंगी।

इन सब बातों का विचार कर फल अनुमान करना होता है। जैसे चोरी के प्रश्न में विचार करना है, तो चोर की कौन जाति होगी, क्या अवस्था होगी, माल किस प्रकार के स्थान में रखा होगा इत्यादि बातें राशि और ग्रह गुणधर्म के अनुसार विचार करना पड़ता है। ग्रह शरीर के किस स्थान पर, किस तत्व का प्रभाव, किस धातु द्वारा करता है या आजीविका किसके द्वारा मिलेगी। वह ग्रह कैसे दोष उत्पन्न करेगा, किस अंग में पीड़ा करेगा इत्यादि बातें ग्रह की स्थिति के अनुसार बुद्धि से विचारना पड़ता है।

ग्रह के गुणधर्म का उपयोग फल विचारने में काम आता है। फलित विषय में समय-समय पर इसका उपयोग होगा। इस कारण ग्रहों के गुणधर्म ध्यान में रखना चाहिए।

इनकी शैली आदि के सम्बन्ध में इस प्रकार भी विचार होता है—तत्व का योग—वायु ( शनि ), अग्नि ( मंगल ) और पृथ्वी तत्व ( बुध ) ये एक ही राशि के होने से आधी ( तूफान ) आदि उत्पन्न करते हैं। अग्नि ( मंगल ) और आकाश ( गुरु ) से भूकम्प अग्नि ( सूर्य या मंगल ) और जल तत्व ( चन्द्र या शुक्र ) से वर्षा।

ग्रह गुण धर्मचक्र—

गुणधर्मसूर्यचंद्रमंगलबुधगुरुशुक्रशनिराहुकेतु
शरीरआत्मामनशारीरिकवाणीज्ञानकामदेवदुःखदुःख
(चित्त)शक्ति(विद्या)बुद्धि(सांसा-)(विपत्ति)
(पराक्रम)रिक्मुख
पदवीराजारानीसेनापतियुवराजमन्त्रीमन्त्रीप्यादा(सेवक)

३ | धातु | हड्डी | रक्त | पर्वा | त्वचा | भस्तिष्क | वीर्य | नसं | ---|---|---|---|---|---|---|---|---|--- ४ | तत्व | अग्नि | जल | अग्नि | पृथ्वी | आकाश | जल | वायु | ५ | त्रिदोष | पित्त | कफ | पित्त | सम | सम | कफ | वात | वात | | (प्रकृति) | | | | | | |

वर्ण(रंग)रक्तशुक्लरक्तहरापीतध्वेतकृष्णकृष्णधूम्र
जातिक्षत्रियवैश्यक्षत्रियशूद्रविप्रविप्रशूद्रस्नेहकस्नेहक
अवस्थाबृद्धयुवायुवाबालबृद्धयुवाबृद्धबृद्धबृद्ध
लिंगपुरुषस्त्रीपुरुषनपुंसकपुरुषस्त्रीनपुंसकस्त्रीपुरुष
१०दिशापूर्ववायव्यदक्षिणउत्तरईशानआग्नेयपश्चिमनैऋत्यनक्षत्र