सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १
Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 244, कुल 288 में से
संदर्भ में पढ़ें२२६ । सचित्र ज्योतिष शिक्षा, प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड
अध्याय ४१
च नक्षत्र गुण-थम
क्रम नक्षत्र वर्ण वश्य योनि गण नाडी वर लोचन मुख नाम
( योनि नेत्र )
१ अश्वि. क्षत्रिय चतुष्पद अश्व देव आदि भैंस मंद तियंक् लघु
२ भरणी „ » गज मनुष्य मध्य सिंह मध्य अधो उग्र
३ कृतिका क्ष१ » छाग राक्षस अन्त वानर सुलो. अधो मिश्र
वेश्य ३
४ रोहिणी वंश्य २ „ सपं मनुष्य अन्त नकुल मंद ऊध्वं झव
५ मृग० वैश्य २ चतुः २ सपे देव मध्य नकुछ मंद तिर्यक् मृदु
शूद्रर नरर
६ आर्द्र शूद्र नर श्वान मनुष्य आदि हरिण मध्य ऊध्वे तीक्षण
७ पुनश शूद्र नर मार्जार देव आदि उन्दुरु सुळो० तिर्यक चर
न्रा १ जळ १
८ पुष्य ब्राह्मण जलचर छाग देव मध्य वानर अंध ऊर्ध्वं लघु
९ आश्ले० ,, „ मार्जारराक्षस अन्त उन्दुरु मंद अधो तीक्ष्ण
१० मघा क्षत्रिय चतुष्पद मूषक ,, » मार्जारमध्य , उम्र
११ पू० फा० ,, 1 १ मनुष्य मध्य . सुलो ,, र
१२ उ० फा० क्ष» १ चतु०१ गौ मनुष्य आदि व्याघ्र अन्ध ऊध्वं धुव
वैश्य ३ नर० ३
१३ हस्त वैश्य नर महिष देव आदि अश्व मन्द तिर्यक लघु
१४ चित्रा वैश्य २ नर व्याध राक्षस मध्य गाय मध्य र मई
शूद्र २ १५ स्वाती शूद्र नर महिष देव अन्त अश्व सुलो० तियॅक चर
१६ विशाखा शूद्र ३ नर व्याघ्र राक्षस » गाय अन्त अधो मिश्र
ब्रा० १ कीट १
१७ अनु० ब्राह्मण कीट मृग देव मध्य इवान मध्य तियेंक मूदु
बृष ज्ये”. , » » राक्षस आदि ,, मध्य » तीक्ष्ण
१९ मूल क्षत्रिय नर शवान » „ हरिण सुलो« अधो „»
२० पूषा क्षत्रिय नर ॥ मकंट मनुष्य मध्य मेढा अन्ध अधो उम्र
चतु०३॥
२१ उ. षा. क्ष० १ चतुष्यदनकुळ मनुष्य अन्त सपं मन्द ऊध्वं ध्रुव
वेश्य ३