सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १
Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंनक्षत्र गुण धर्म : २२७
| २२ अश्वि. | ० | ० | नकुल मनु | अस्त | सर्प | मध्य | ० | लघु |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| २३ श्रवण | वैश्य | चतु.१॥ | मर्कट देव | ” | मेढ़ा | सुलो. | ऊर्ध्व | चर |
| जल. २॥ | ||||||||
| २४ धनि. | वैश्य | २ जल | २ सिंह | राक्षस | मध्य | गज | अन्ध | ऊर्ध्व चर |
| शुद्ध | २ नर | २ | ||||||
| २५ शत. | शुद्ध | नर | अश्व | राक्षस | आदि | अस्त | मन्द | ऊर्ध्व चर |
| २६ पू. भा. | शुद्ध | ३ नर | ३ सिंह | मनुष्य | आदि | गज | मध्य | ऊर्ध्व उग्र |
| ब्रा. १ | जल | १ | ||||||
| २७ उ. भा. | ब्राह्मण | जलचर | गौ | मनुष्य | मध्य | व्याघ्र | सुलो. | ऊर्ध्व घुव |
| २८ रेवती | ब्राह्मण | जलचर | गज | देव | अस्त | सिंह | अन्ध | तिर्यक भुद्र |
इन नक्षत्र गुण धर्म चक्र में दिये हुए वर्ण वश्य योनि गण और नाडी का विवाह आदि में विचार किया जाता है। संक्षिप्त जन्म पत्रिका (टिप्पणी) में ये सब लिखना पड़ता है। इस कारण यहाँ चक्र में दिया है।
वर्ण में कृषिका नक्षत्र में क्षत्रिय १, वश्य दिया है। इसका अर्थ यह है कि नक्षत्र में ४ चरण होते हैं, उनमें पहिला १ चरण में क्षत्रिय और अस्त में शेष ३ चरण में वैश्य वर्ण होता है। आगे भी इसी प्रकार का विचारना। जिसमें एक ही वर्ण दिया है वहाँ चारों चरण में एक ही वर्ण समझना। इसी प्रकार वश्य में भी समझना। जैसे मृगशिर में वश्य में पहिले २ चरण में चतुष्पद और अस्त के २ चरण में नर समझना।
वश्य में चतुष्पद=चौपाया, नर=द्विपद=मनुष्य। कीट=नीड़े=रेंगने वाले बिना पैर के ( अपद ) जलचर=जल में चलने वाले जीव।
योनि—छाया=वक्रा या मेढ़ा। माजार=बिल्ली। महिष=मँस। श्वा=कुत्ता, मर्कट=वन्दर, वानर। उंडुख=बूहा, मूषक। गौ=शाय। नकुल=म्योला। व्याघ्र=बाघ, शेर। अश्व=घोड़ा। गज=हाथी।
लोचन—कोई वस्तु खोई हो उसके विचार में काम आता है। सु=सुलोचन। मुख=तिर्यक=तिरछा। अघो=उलटा, अंधा। ऊर्ध्व=चित।
नक्षत्र नाम—इन नक्षत्रों के नाम के अनुसार कार्य करने में शुभ होता है।
अध्याय ४२
संक्षिप्त जन्मपत्री बनाना
किसी बालक का जन्म समय बतला कर संक्षिप्त जन्म पत्रिका बनाने को कहा जावे तो कैसे बनाना यहाँ समझाते हैं।
मान लो बालक का जन्म नरसिंहपुर में तारीख २-१०-१९३६ ई० के १० बजे दिन हुआ है। इसकी जन्म-पत्री बनानी है।