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सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished288 पृष्ठ

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फलित विचार करने के लिए संक्षेप में कुछ साधारण विचार : २४३

अध्याय ४४

फलित विचार करने के लिये संक्षेप में कुछ साधारण नियम

( १ ) नीच का ग्रह अशुभ होता है जैसे मकर का गुरु ।

( २ ) उच्च का ग्रह (जैसे मेष का सूर्य)-शुभ फल देता है, फल में वृद्धि करता है ।

( ३ ) परमोच्च ग्रह (जैसे गुरु कर्क के ५° पर हो तो)-भाव फल उत्तम देता है ।

( ४ ) मूल त्रिकोण में ग्रह (जैसे शुक्र १२° पर)-यह उच्च से अधिकार में कुछ कम है, परन्तु उच्च के सद्गुण ही शुभ फल देता है ।

( ५ ) स्वक्षेत्री ग्रह (जैसे मिथुन का बुध)-फल की वृद्धि करता है । शुभ सद्गुण फल देता है । इसका फल मूल त्रिकोण से कुछ हल्का है ।

( ६ ) मित्र क्षेत्री ग्रह (जैसे मेष का सूर्य)-फल वृद्धि करता है, अशुभ फल कम देता है ।

( ७ ) अधिमित्र गृही ग्रह-शुभ फल दायक होता है ( पंचधा मैत्री के अनुसार अधि मित्र लेना ) ।

( ८ ) उच्च या मित्र, या बलवान ग्रह से युक्त या दृष्ट ग्रह-शुभ होता है । जैसे मीन का शुक्र उच्च का होता है, यह बुध के साथ चतुर्थ भाव में हो तो बुध अच्छा फल देगा । या बुध चतुर्थ में हो उस पर दसम भाव से उसका मित्र शुक्र पूर्ण दृष्टि से देखता हो तो शुभ है ।

( ९ ) सप्त क्षेत्री ग्रह (जैसे शनि की राशि मकर में बैठा मंगल)-सप्त फल देता है

( १० ) शत्रु क्षेत्री ग्रह-(जैसे बुध चंद्र के स्थान कर्क में हो)-अशुभ और हानि कारक होता है ।

( ११ ) ग्रह नीच का होकर शत्रु क्षेत्री भी हो-तो उस भाव का फल नाश करता है । जैसे तुला का नीच सूर्य अपने शत्रु शनि की राशि ११ में बैठा हो ।

( १२ ) मित्र राशि या उच्च राशि में स्थित पाप ग्रह भी-शुभ हो जाता है । जैसे मकर का मंगल जो उच्च का है या सिंह का मंगल अपने मित्र सूर्य के घर का ।

( १३ ) शुभ ग्रह यदि नीच या शत्रु गृही या अस्त हो तो बुरा फल देता है । जैसे नीच मकर का गुरु या शत्रु स्थानी मिथुन का गुरु या अस्त सूर्य के साथ गुरु ।

( १४ ) पाप ग्रह नीच का सब फल नाश करता है जैसे कर्क का मंगल ।

( १५ ) अस्त ग्रह ( जो सूर्य के साथ रहने से अस्त हो )-अशुभ है बुरा फल देता है ।

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