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सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

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२५६ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड

( १ ) यहाँ लगनेश शुक्र लग्न में तुला राशि का है तुला चर लग्न है ( २ ) और अष्ट मेष भी शुक्र होने से चर लग्न में हुआ, दोनों चर आने पर दीर्घायु हुई।

( १ ) दीर्घायु योग

( २ ) में लगनेश चन्द्र वृष राशि में है जो स्थिर राशि है। अष्टमेश शनि मेष चर राशि में है। एक चर दूसरा स्थिर होने से मध्यमायु हुई।

( २ ) मध्यमायु योग

( ३ ) अल्पायु योग

( ३ ) लग्न मेष है लगनेश मंगल हुआ। यह मंगल सिंह राशि में है जो स्थिर राशि है। अष्टम भाव में वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल अष्टमेश हुआ। यह मंगल स्थिर राशि सिंह में है। दोनों स्थिर राशि में होने से अल्पायु हुई।