सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १
Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंआकाशीय कल्पित रेखाओं का स्पष्टीकरण : ४७
क्रांति से प्रगट होता है कि वह ग्रह नाड़ीवृत्त से कितने कोणात्मक अन्तर पर उत्तर या दक्षिण गोल में है अर्थात् नाड़ीवृत्त से उत्तर या दक्षिण किसी तारा या ग्रह का अन्तर यामोत्तरवृत्त पर नापने से जो मिले वही क्रान्ति कहलाती है।
ये सब वार्तें आगे चित्र संख्या ५८, ५९ और ६० देखने से समझ में आ जायेंगी।
सम्पात विन्दु Equinox
आकाशीय विषुववृत्त और क्रान्तिवृत्त एक दूसरे को ( २३°-२८' का कोण बनाते हुए ) दो स्थानों में काटते हैं। उन दो विन्दुओं को सम्पात विन्दु कहते हैं। इसे ही अथन विन्दु या विषुव विन्दु भी कहते हैं।
मेघ का आरम्भ विन्दु जिसे उत्तर सम्पात या वसन्त सम्पात Vernal equinox कहते हैं, इससे आकाशीय रेखांश का पूर्व पश्चिम नाप होता है और यह पृथ्वी की गति की दिशा में, अर्थात् पश्चिम से पूर्व की ओर नापा जाता है।
यहाँ पर यह बात ध्यान में रखने की है कि ध्रुव भी दो प्रकार के हैं। नाड़ीवृत्त के ध्रुव को ध्रुव Pole of the celestial equator कहते हैं। और ध्रुव से जो यामोत्तरवृत्त नाड़ीवृत्त पर समकोण बनाते हुए खींचे जायें उन्हें ध्रुव प्रोतवृत्त meridian of the celestial equator कहते हैं। और क्रान्तिवृत्त के ध्रुव को कदम्ब pole of the ecliptic कहते हैं। कदम्ब से जो वृत्त समकोण बनाते हुए क्रान्तिवृत्त पर खींचे जायें वे कदम्ब प्रोतवृत्त कहलाते हैं।
किसी ग्रह से विषुववृत्त ( नाड़ीवृत्त ) पर जो अन्तर ध्रुव प्रोतवृत्त पर से नापा जावे उसे क्रान्ति कहते हैं। ग्रह से ध्रुव प्रोतवृत्त विषुववृत्त एक खींचा जावे तो ध्रुव प्रोतवृत्त के नापने से जो अन्तर ग्रह और विषुववृत्त का होगा वही अन्तर उस ग्रह की क्रान्ति होगी।
किसी ग्रह से क्रान्तिवृत्त का अन्तर कदम्ब प्रोतवृत्त पर होता है। वही अन्तर उस ग्रह का शर या विशेष होता है। कदम्ब से एक कदम्ब प्रोतवृत्त उस ग्रह से होते हुए इस प्रकार खींचें जो क्रान्तिवृत्त पर समकोण बनाती हुई मिले तो उस ग्रह का जो अन्तर क्रान्तिवृत्त तक होगा वह अन्तर, कदम्ब प्रोतवृत्त पर से नापने में जो मिले, वह अन्तर उस ग्रह का शर होगा। ग्रह से जो ध्रुव का अन्तर होता है वह ध्रुव अन्तर Polar distance कहलाता है। यह दक्षिण ध्रुव के पास हो तो दक्षिण ध्रुव से और उत्तर ध्रुव के पास हो तो उत्तर ध्रुव से अन्तर निकाला जाता है।
भोग या भोगांश Longitude
कदम्ब प्रोतवृत्त जो कदम्ब से निकल कर ग्रह या तारा पर से होते हुए क्रान्तिवृत्त पर समकोण बनाते हुए मिले, तो उत्तर सम्पात विन्दु से उस मिलन विन्दु तक नापने से जो अन्तर होगा वही उस ग्रह का भोगांश होगा। और उस ग्रह से उस मिलन विन्दु तक नाप में जो अन्तर होगा वह उस ग्रह का शर होगा।
विषुवांश Right Ascension
R. A. M. C. = Ark in Right ascension of the meridian