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सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished288 पृष्ठ

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१८ : सचिन ज्योतिष शिक्षा, प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड

सूर्य को आने में ३ मास लगते हैं। इस प्रकार ६ महीने में, जिसमें गर्मी की भी बहुत सम्मिलित है, सूर्य अपनी पूरी यात्रा कर ठीक उसी जगह आ जाता है। सूर्य इस समय तक उत्तरी गोलार्द्ध में रहा और इसके उपरान्त दक्षिण गोलार्द्ध में आ जाता है।

सूर्य जब दक्षिण को जाने लगता है तो दिन छोटा होने लगता है। २१ दिसम्बर को जब सबसे छोटा दिन होता है, सूर्य दक्षिण क्रांतिसीमा पर ३ मास की यात्रा कर पहुँच जाता है। दक्षिण में क्रांतिसीमा में उदय अस्त होते दिखता है। उपरान्त ३ मास की और विषुववृत्त की ओर यात्रा कर २१ मार्च को विषुववृत्त पर फिर आ जाता है।

इस कारण जब सूर्य के उदय अस्त में अन्तर पड़ता है तो मध्याह्न ( दोपहर ) की ऊँचाई में भी अन्तर पड़ता है जिसके कारण दिन छोटे-बड़े होते हैं। जून के बीच सबसे अधिक ऊँचाई होती है इससे सबसे बड़ा दिन होता है। सूर्य के उदय काल पर दिन की लम्बाई छुटाई अवलम्बित है। सूर्य ज्यों-ज्यों विषुव रेखा से उत्तर को जाता है दिन की लम्बाई बढ़ती जाती है।

पहिले सम्पात, अयन बिल्कु, और सूर्य की उत्तर दक्षिण गति समझा चुके हैं इन्हीं के कारण भिन्न-भिन्न ऋतुएँ होती हैं।

सायन राशियाँ संक्रांति की तारीख एवं ऋतुएँ

नीच | राशि | संक्रांति की | ऋतु | ---|---|---|---|--- राशियाँ | | तारीख | | उच्च | १ मेष | २१ मार्च | वसंत और ग्रीष्म की राशियाँ वर्षा और शरद की राशियाँ | ये ६ राशियाँ " | २ वृष | १९ अप्रैल | नाड़ी " | ३ मिथुन | २० मई | मंडल के नीच | ४ कर्क | २१ जून | उत्तर " | ५ सिंह | २२ जुलाई | में " | ६ कन्या | २२ अगस्त | है नीच | राशि | संक्रांति की | ऋतु | राशियाँ | | तारीख | | उच्च | ७ तुला | २३ सितम्बर | शरद और हेमन्त की राशियाँ शिषिर और वसंत की राशियाँ | ये ६ राशियाँ " | ८ वृश्चिक | २३ अक्टूबर | नाड़ी " | ९ धन | २२ नवम्बर | मंडल के नीच | १० मकर | २१ दिसम्बर | दक्षिण | ११ कुंभ | २० जनवरी | में | १२ मीन | १९ फरवरी | है

जब सूर्य उपरोक्त ३ राशियों में से किसी में होता है तो उसकी क्रांति बढ़ती है और दूसरी ३ राशियों में होता है तो क्रांति घटती है। इस कारण पहिली उच्च राशियाँ और दूसरी नीच राशियाँ हैं।