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सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

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६४ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड

प्रत्येक मन्वंतर के आदि अन्त में प्रलय काल की सन्धि होती है । इस प्रकार ६

मन्वंतर में आदि सन्धि मिलकर ७ सन्धि गत हो चुकी और सातवें मन्वंतर के २७

महायुग बीत चुके हैं। अब देखना है कि कलियुग के आरम्भ तक कितने वर्ष व्यतीत

हो चुके हैं ।

१ महायुग=४३२००० 0 वर्ष

१९२७

१ सन्धि-१२२८००० १ सतयुग १७२८०००

२७ र त्रेता १२९६०००

& २७ महायुग-1१६६४००००,, ७ संधि=१२०९६००० ३ द्वापर ८६४०००

१ सतयुग=४३२००० % ४=१७२७८००० वर्ष

२ त्रेता= » %३=१२९६००० ,,

३ इपर= २ > रेप ८६४००० २

४ कलियुगः » %१- ४३२००० ,,

एकं महायुग=४३२०००० „,

% ७१

७१ महायुग=१ मन्वंतर=३०६७२०००० ,,

२६):

६ मन्वेतर "११११ २१८४०३२००० ०,

इनकी ७ संधियाँ ‡ १२०९६०००,,

७ संधियों समेत ) त आ योग=१८५२४१६०००

गत २७ महायुग 1. ११६६४०००० ,,

योग=१९६९०५६००० ,:

0गत ३ युग सतयुग ;

चेता,दापर के वर्ष || WU F000 कट

योग=१९७२९४४००० ,,

कलि आरम्भ होने के समय । से सन्‌ ईस्वी आरम्भ तक] 1२१०२

योग=१९७२९४७१०२ ,,

0 ३युग=३८८८०००

यहाँ ६ मन्वंतर. के वर्ष निकाल

कर उनकी संधियाँ जोड़ी तो

गत ६ मन्वंतर तक के वर्ष

हुए । वर्तमान सातवें मन्वंतर

में २७ महायुग बीत चुके है।

इससे इनके वर्ष और जोड़ा ।

२८ थें महायुग में ३ युग केवल

बीते हुँ, इस कारण ३ युग

के वर्षे और जोड़े तो कलियुग

आरम्भ होने तक के सृष्टि

आरम्भ के वर्ष निकल आये ।

सन्‌ ईस्वी के आरम्भ तक

कलियुग के गत वर्ष .३१०२

और जोड़ा तो सन्‌ ईस्वी

आरम्भ समय तक. के वर्ष सृष्टि आरम्भ के प्राप्त हुए ।

सृष्टि आरम्भ होने से वर्तमान कलियुग आरम्भ होने तक १९७२९४४००० वर्ष याः

ईसा के जन्म समय तक ( सन्‌ ईस्वी आरम्भ होने तंक ) = १९७२९४१०२ वर्षं हो

चुके हैं ।

इसके आगे वर्तमान सन ईस्वी जोड़ दो तो वर्तमान सन ईस्वी तक सृष्टि आरंभ

होने का वर्ष निकल आयेगा ।

या द्वापर तक के वर्ष १९७२९४४००० में ३०४५ ओर जोड़ दो तो सम्वत

आरम्भ होने तक का सृष्टि आरम्भ का समय निकल आयगा.।

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