भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished454 पृष्ठ

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अध्टक वर्ग विचार : ११२

अष्टक वर्ग से गोचर फल विचार

( १ ) प्रत्येक ग्रहों को अष्टक वर्ग रेखा से गोचर में फल का विचार करने में

जब वह ग्रह गोचर में किसी राशि में आता है तो उसके अष्टक वगं में देखना कितनी

रेखा हैं यदि १, २ या ३ रेखा हो तो उसका फल अच्छा नहीं होगा ४ रेखा हो तो

उसका फल अच्छा नहीं होगा ५ रेखा हो तो मध्यम फल होगा । ५ से अधिक्न रेखा हो

तो उत्तम फल होगा।

जैसे सूर्य अष्टक वर्ग में कर्क में ३ रेखा पड़ी है इसमें गोचर में कर्क के सूर्य में

अच्छा फल नहीं होगा ।

(२ ) जिस राशि में शून्य हो एक भी रेद्या न हो जब सूर्य उस राशि में जायेगा

तो रोग भय अपवाद आदि होंगे ।

(३ ) इसी प्रकार चन्द्र अष्टक वर्ग द्वारा चंद्र का, मंगळ अष्टक बर्ग द्वारा मंगल

का गोचर फल विचार करना । 4

(४) गोचर का शनि जब उस राशि में आता है जिसमें रेखा नहीं है तो रोग

शत्रु भय आदि उत्पन्न करता है । ५

(१) रेखा यदि बिन्दु से कम हो तो दुःख हो (दिव्य शस्त्र आदि का भय हो'।

_ (२) जहा ५ रेखा से अधिक हो यहाँ शुभ फल कहना जितनी रेखा अधिक हो

उत्तना लाभ हो । * *

(३) किसी ग्रह के अष्टक वर्ग से उसकी राशि से फलाफल विचारना जैसे मंगल

के अष्टक वर्ग में कर्क राशि में ५ शून्य और ० रेखा है । रुशमें नुफ रंखा से २ शून्य

अशभता के अधिक है तो उस राशि में मंगळ ३ अशुभता अधिक रहेगी । घन ४ रेखा

० बिन्दु है तो इस राशि भी में डे शुभतो अधिक होने से घन का मंगल गोचर है सदा

शुभ रहेगा । इस प्रकार शुभाशुभ विचार लेना । यहाँ मंगल जब १ गोचर में इन

राशियों में जायगा तो इस प्रकार फल होता है--

मिथुन में रेखा ५ बिन्दु ३ शेष २ रेखा--शुभ भाग बचने से-मेष का मंगल शुभ होगा

कक में ३ रेखा ५ बिन्दुशेष २बिदु १अशुभ अधिक होने से-वृष का मंगल अशुभ होगा

सिह में ४५ ५२ » र ररेखा-शुभ अधिक होने से-मिथुन में शुभ होगा

६ बिन्दु-अशुभअधिक होने फल सदा अशुभ होगा कन्या मे ., ७ ,, »

तुला में १ , ७ » » ६ बिन्दु-अशुभ अधिक होने से तुला का सदा अशुभ होगा

वश्चिक मैँ४,, ४ ,, » ० बिन्दु-शुभाशुभसम है वृश्चिक में मध्यमफल शुभ होगा

धन में ५ ,, ३ » ४ २ रेखा-शुभ अधिक होने से-धन का मंगल शुभ होगा

मकर में २,, * # » * बिन्दु-अशुभ अधिक होने से-मकर का मगल अशुभ होगा

कुंभ में२ + ५» » र बिन्दु-अशुभ अधिक होने से- कुंभका मंगल अशुभ होगा

मीन में २ ,, ६ » » ४ बिन्दु-अशुभ अधिक होने से-मीन का मंगल अशुभ होगा

भेष में ४ „ ४ » २२ ० बिन्दु-सम फल होने से--मेष में मध्यफल

बुधमें , ४ ४ „ रै विन्दु-अशुभ अधिक होने से वप का मंगल अशुभ होगा

ता 11 च