सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 126, कुल 454 में से
संदर्भ में पढ़ें११८ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, तृतीय फलित खण्ड
ऐकाधिपत्य शोधन .
अष्टक वगग में प्राप्त प्रत्येक ग्रहों को रेखाओं का त्रिकोण शोधन के पश्चात् ऐका-
धिपत्य शोधन करना पड़ता है। जिन ग्रहों की राशियाँ ( दोस्वगृह ) हैं केवल उन्हीं
का ऐकाधिपत्य शोधन करना पड़ता है। सूर्य चन्द्र को १-१ राशि है इससे उनकी
राशि का शोधन नहीं होता ।
ऐकाघिपत्य शोधन के नियम ये हैं :---
(१) जिस राशि में ग्रह है वह सग्रह राशि हुई । जिस राशि में कोई ग्रह नहीं
हैं वह अग्रह राशि हुई । इसका ध्यान रखकर शोधन करना पड़ता है। किसी ग्रह की २
राशियाँ हैं उनमें ही विचार करना पड़ता है कि अग्रह हैं यहा सग्रह ओर उनके त्रिकोण
शोधन के पश्चात् प्राप्त अंक, दोनों एक बरावर है या छोटा बड़ा अंक हैँ ।
(२ ) जब दोनों अग्रह राशि हो और दोनों के अंक समान हों तो दोनों अंक
लुप्त हो जाथंगे अर्थात् दोनों में ०-० अङ्क रखना पड़ेगा ।
` (३) दोनों राशि अग्रह हों उनमें एक राशि से दूसरी संख्या बड़ी हो तो=
( अधिक-अल्प ) = शेष को बड़ी संख्या के स्थान में रखो छोटी संख्या पूर्ववत् होगी ।
(४ ) एंक सग्रह दूसरा अग्रह दोनों के सभान अंक हों तो अग्रह ० हो जायेगा ।
सग्रह पुर्वेवत् रहेगा ।
(५) दोनों में से चाहे कोई एक अग्रह हो या सग्रह या दोनों सग्रह या अग्रह हों
परन्तु किसी में ० हो तो दोनों ० रख दो ।
(६) अग्रह बड़ा सग्रह छोटा अंक हो तो ( बड़ी संख्या-छोटी संख्या ) शेष संख्या
भंग्रह की होगी: । सग्रह पूर्ववत् रहेगा ।
(७) सग्रह बड़ा अग्रह छोटा अंक हो तो अग्रह ० हो जायगा,सग्रह पूर्ववत् रहेगा ।
(८) दोनों सग्रह हो तो कोई परिवर्तन नहीं होगा ।
(९) यह ध्यान रहे कि सूर्य चन्द्र का ऐकाधिपत्य शोधन नहीं होता क्योंकि इनकी
एक-एक ही स्वराशि हैं । इनका जो अंक त्रिकोण शोधन से प्राप्त हुआ था वहीं अंक
कके और सिंह राशि में ऐकाधिपत्य शोधन चक्र में रख देना चाहिये ।
इसमें कुछ मतान्तर है-जातक पारि० में बताया है कि दोनों में से किसी में शून्य
हो तो दोनों संख्या पूर्ववत् रहेगी यह उपरोक्त ५ के विरुद्ध है जैसे मेष में ० वृश्चिक
में २ हैं चाहे सग्रह या अग्रह हो दोनों पुंवत् रहेंगे अर्थात् मेप ० वृश्चिक में २ ही
ऐका० शो० में रहेगा ।
ऐकाधिपत्य शोधन में मतान्तर
त्रहत्पाराशरी, शंभु होरा प्रकाश आदि के अनुसार ऐकाधिपत्य शोधन करना यहाँ
दिया है परन्तु इसमें कुछ का मत भिन्न है ।
(३) यहाँ दोनों अग्रह राशि हों और संख्या बड़ी छोटी हो तो बड़ी से छोटी को
घटाकर शोष को बड़ी संख्यां के नीचे रखना छोटी पूर्ववत् रहेगी, बताया है। कई छोटी