सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 169, कुल 454 में से
संदर्भ में पढ़ेंगोचर विचार : १६१
११- धन की प्राप्ति, रोग से मुक्ति, किसी उच्च अधिकार और स्त्री-सतान आदि
से सुख, मान प्राप्ति ।
१२--क्षति, दरिद्रता, दूर यात्रा, व्यय में अधिकता एवं मानसिक व्यथा, बेकार
फल हानि, कार्य करने से परेशानी ।
राहु तथा केतु का गोचर फल प्रत्येक भाव का
१--हानि, रोग । २-निर्धनता, धन हानि । ३-धन लाभ, सुख । ४-बैर शोक ।
५-धन हानि, शोक | ६-धन लाभ, सुख । ७-कलह, हानि । ८-पीड़ा, जीवन को भय ।
९-पाप कमं में वृद्धि । १०-बैर अन्यमत से लाभ । ११-सुख । १२-धन हानि, खर्च।
राहु केतु उसी ग्रह का फल देता है जिस छर में राहु केतु जन्म के समय था। जसे
कुण्डली में राहु वृष का है तो शुक्र का फल देगा केतु वृश्चिक राशि में होने से मंगल
का फल देगा ।
गोचर में अनिष्टकारी ग्रह क्या रोग करते हैं
(१) रवि--रक्तपित्त विकार, सिर एवं मुँह में पीड़ा ।
( २) चन्द्र--कफ और रक्त के विकार से छाती एवं गले में रोग।
( ३ ) मंगल--पित्त मज्जा कफ व रक्त दोष से सिर पीठ और उदर में पीड़ा ।
( ४ ) वुध--त्रिदोष विकार से हाथ-पैरो में पीड़ा ।
( ५ ) गुरु-वात कफ जनित पीड़ा, कमर एवं जांघ में रोग ।
( ६) शुक्र--अंडकोष में कफ रोग जनित पीड़ा ।
( ७ ) शनि--वायुविकार से जानु एवं पट्टी में पीड़ा ।
स्थानवश से संक्षिप्त में गोचर फल
स्थान शुभ ग्रह का फल पाप ग्रह का फल
१--शरीर सुख, भाग्य वृद्धि, सुख । १--शरीर पीड़ा, आलस्य, दुर्बुद्धि, अहँकार।
२--उत्र्षं, कुटुम्बी सुख, अवसर पर द्रव्य २--आत्मविरोध, द्रव्य हानि असत्य भाषण,
प्राप्ति, सम्पत्ति । नेत्र विकार । 3
३-_वंधु सुख, यश, विद्या में रुचि, प्रवास से ३--बंधु संकट, यात्रा, मित्र से त्रास,
लाभ । क्लेश, साधारण यात्रा ।
४. जायदाद का सुख, वाहन मुख, कीति ४--जायदाद से मामूली लाभ, वाहन से
स्थाई कुलाभिमान का प्रतिपालन । त्रास, मातृसुख में कमी ।
५-वुद्धिमात्, राजदरबार में यश, संतान ५--परीक्षा में फेल, संतान चिता, उद्योग
सुख कल्पना, कुलदीपक, व्य लाभ । में कमी, झूठा अभिमान ।
६--विरोधो बड़े सज्जनों से त्रास, परोप- ६--साहसी, रोग नाश, शत्रु की हार,
कार, उत्तम कार्य में प्रवृत्ति । मामा से स्वार्थ ।
७--विवाह सुख, साझेदारी में लाभ, मुक- ७--स्त्री से त्रास, सुख हानि, यात्रा में
दमे में सफलता । मुकदमा मामले में हानि ।
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