सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंगोचर विचार : १६३
च-अति पीड़ा, त्रास रोगअनहोनी शस्त्र से चोट धन लाभ, रोग
रोगभय झगड़ा घटना, कलह,पीड़ा कुसंग संतान आदि, हानि,
अपमान भय नष्ट कष्ट भय
९-कांतिक्षय, भग राअभय, रोग, रोगअपमान, खेद, विध्न,
अपमान निराशा, धर्म लाभ, धन हानि, यात्रा, मित्र
चिता कुबुद्धि द्रव्य लाभ यात्रा प्रेम
१०- अभीष्ट सिद्धि, लाभ, आनंद लाभ, वृद्धि लाभ, सुख पुष्टि,
सुख यश, रोग दूर घनागम
११-लाभ सुख मान लाभ, आंनंद लाभ, वृद्धि, लाभ, पुष्टि, धना-
नया पद यश, रोग दूर गम, सुख
१२--खचं, दुःख शोक, खर्च, हानि, धन हानि, अधिक धन नाश,
कलह, पीड़ा कष्ट खर्च, रोग शेय पराभव
धन हानि का भय
गुरु शुक्र शनि राहु केतु
१-भय, कष्ट खर्च स्त्रीसुख, शत्रु स्थान हानि, भय, कष्ट, हानि, रोग
देशत्याग नाश, हषं रोगपीड़ा भोग रोग चिता
२-धन प्राप्ति प्राप्त धन लाभ, धन हानि धन हानि, विरोध
सुख सुख क्लेश खर्चे, चिता हानि
३-रोग पीड़ा, बाधा अति सुख शुभ, सुख, पद सुख धन लाभ
स्थान हानि तरक्की प्राप्ति घन लाभ जय
चिता पराक्रम लाभ
४-शत्रु वृद्धि, शोक, धनलाभ,सुख, शत्रु वृद्धि पीड़ा, शोक बैर भय
कष्ट, धन हानि मित्र वृद्धि बंधन, विरोध क्ष्ट
अपमान हाति कष्ट
५-सुख, हर्ष, मित्रता संतानप्राप्ति पुत्रक्लेश धनशोक धन हानि कष्ट
लाभ, संतान घनागम क्षय, त्रा भय कपट कुबुद्धि हानि
प्राप्ति कष्ट चिता
इ-शत्रवुद्धि सुख वृद्धि, लाभ, घन प्राप्ति) लाभ
विपत्ति शत्रु नाश सुख जय
७-राजमान्य, शुभ शोक, भय, दोष यात्रा भय, हानि, विवाद, थोड़ा
यात्रा, सुखी, स्त्री को कलह, स्त्री को अपमान शोक
्त्रीकष्ठुलाभ पीड़ा पीड़ा शोक
द-दुःख, धन धन लाभ, रोग, पीड़ा और हानि, पीड़ा जीवन का संकट
भय कलह, हानि रोग शत्रु भय भय, रोग- भय
भय यात्रा से थकावट कष्ट