भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished454 पृष्ठ

पृष्ठ 171, कुल 454 में से

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गोचर विचार : १६३

च-अति पीड़ा, त्रास रोगअनहोनी शस्त्र से चोट धन लाभ, रोग

रोगभय झगड़ा घटना, कलह,पीड़ा कुसंग संतान आदि, हानि,

अपमान भय नष्ट कष्ट भय

९-कांतिक्षय, भग राअभय, रोग, रोगअपमान, खेद, विध्न,

अपमान निराशा, धर्म लाभ, धन हानि, यात्रा, मित्र

चिता कुबुद्धि द्रव्य लाभ यात्रा प्रेम

१०- अभीष्ट सिद्धि, लाभ, आनंद लाभ, वृद्धि लाभ, सुख पुष्टि,

सुख यश, रोग दूर घनागम

११-लाभ सुख मान लाभ, आंनंद लाभ, वृद्धि, लाभ, पुष्टि, धना-

नया पद यश, रोग दूर गम, सुख

१२--खचं, दुःख शोक, खर्च, हानि, धन हानि, अधिक धन नाश,

कलह, पीड़ा कष्ट खर्च, रोग शेय पराभव

धन हानि का भय

गुरु शुक्र शनि राहु केतु

१-भय, कष्ट खर्च स्त्रीसुख, शत्रु स्थान हानि, भय, कष्ट, हानि, रोग

देशत्याग नाश, हषं रोगपीड़ा भोग रोग चिता

२-धन प्राप्ति प्राप्त धन लाभ, धन हानि धन हानि, विरोध

सुख सुख क्लेश खर्चे, चिता हानि

३-रोग पीड़ा, बाधा अति सुख शुभ, सुख, पद सुख धन लाभ

स्थान हानि तरक्की प्राप्ति घन लाभ जय

चिता पराक्रम लाभ

४-शत्रु वृद्धि, शोक, धनलाभ,सुख, शत्रु वृद्धि पीड़ा, शोक बैर भय

कष्ट, धन हानि मित्र वृद्धि बंधन, विरोध क्ष्ट

अपमान हाति कष्ट

५-सुख, हर्ष, मित्रता संतानप्राप्ति पुत्रक्लेश धनशोक धन हानि कष्ट

लाभ, संतान घनागम क्षय, त्रा भय कपट कुबुद्धि हानि

प्राप्ति कष्ट चिता

इ-शत्रवुद्धि सुख वृद्धि, लाभ, घन प्राप्ति) लाभ

विपत्ति शत्रु नाश सुख जय

७-राजमान्य, शुभ शोक, भय, दोष यात्रा भय, हानि, विवाद, थोड़ा

यात्रा, सुखी, स्त्री को कलह, स्त्री को अपमान शोक

्त्रीकष्ठुलाभ पीड़ा पीड़ा शोक

द-दुःख, धन धन लाभ, रोग, पीड़ा और हानि, पीड़ा जीवन का संकट

भय कलह, हानि रोग शत्रु भय भय, रोग- भय

भय यात्रा से थकावट कष्ट

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