सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 172, कुल 454 में से
संदर्भ में पढ़ें१६४ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, तृतीय फलित खण्ड
९-सुख, लाभ वस्त्र लाभ, घन सुख, बाधा, शोक, पापकर्म अपमान प्रतिष्ठा लाभ, सुख कुसंग, धन कुबुद्धि कपठ हानि कृष्ट
१०-मानवृद्धि नय धन लाभ,अभय, धन सुख मान सुख धन लाभ लाभ पद लाभ, हषं अधिकार प्राप्त प्राप्त लाभ, यश भय
११-मान वृद्धि, नया घन लाभ, अभय धन सुख मान सख धन लाभ यश पद लाभ, हर्ष अधिकार प्राप्ति यश मान प्राप्ति धन लाभ
१२-पीडा दुःख, धन प्राप्त अनेक अनर्थे द्रव्य हानि विरोध
भय हानि आपत्ति भय खर्च, पीड़ात्रास हानि
गोचर फल शुभाशुभ समय
१-शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा में यदि चंद्र शुभ हो तो सारा शुक्ल पक्ष शुभ होता है;
छ 0] अनिष्ट हो तो वह पक्ष अनिष्ट का होगा ।
र-कृष्णपक्षकी , टि अनिष्ट हो तो वह पूराकृष्णपक्षअनिष्ट होगा। .
क शुभहोतो ,, क शुभ होगा ।
गोचर में कौन ग्रह कब फल देते हैं
१--सूर्ये और मंगल जबकि राशि में प्रवेश करते हैं तो आदि में प्रवेश करते ही
फल देते हैं अर्थात् किसी रोशि के १०० पर आदि में फल देते हैं ।
२--गुरु शुक्र राशि के मध्य में जाने के बाद फल देते हैं मध्य के तीसरे भाग में
१०१ के आगे २०१ तक मध्य भाग में ।
३--चंद्र शनि---राशि के अन्त में जाने पर अन्तिम तीसरे भाग में फल देते हैं
अर्थात् २० से ३०° तक अन्तिम भाग में ।
४--बुध और राहु-अपने सम्पूर्ण भाग में अर्थात् सवेदा फल देते हैं ।
१--सूये-जव एक राशि से दूसरी राशि में जाता है उस समय से ५ दिन पूर्व ही
से आगामी राशि के फल की सूचना देता है
२--चंद्र-३ घड़ी पहिले ही आगामी राशि गत फल की सूचना देता है ।
३--मंगलू-८ दिन पहिले ही आगामी राशि के फल की सूचना देता है ।
४-_वुध=७ दिन पहिले ही आगामी राशि गत फले की सूचना देता है ।
५--गुरु-२ मास पहिले ही आगामी राशि गत फल की सूचना देता
६--शुक्र=७ दिन पहिले ही आगामी राशि गत फल की सूचना देता है ।
७--शनि= ६ मास पहिले ही आगामी राशि गत फल की सूचना देता है।
८--राहु5३ मास पहिले ही आगामी राशि गत फल की सूचना देता है। अन्यमत से समय
र्सूर्य-१ राशि पर १ मास रहता है=प्रथम के ५ दिन फल देता है ।
२--चंद्र १ राशि पर २। दिन्न रहता है अन्त की ३ घड़ी फल देता है ।
३--मंगल १ राशि पर १॥ मास रहता है प्रथम ८ दिन फल देता है ।