सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 37, कुल 454 में से
संदर्भ में पढ़ेंअनेक ग्रहों के एक राशि में होने का फल : २९
सप्तम में चन्द्र गुर-कन्याओं से युक्त, राजा या पण्डित. वणिजी से युक्त ।
सप्तम में चन्द्र शुक्र-कन्याओं से युक्त, थोड़े पुत्र, थोड़ा धन, स्त्री से युक्त ।
सप्तम में चन्द्र शनि-स्त्री से हीन, नगर का स्वामी, नगर में विचरने वाला ।
सप्तम में मंगल वुध-पहिली स्त्री मृत्यु को प्राप्त, विवादी शूरवीर
सप्तम में मंगल गुरु-पर्वत वन जल में विचरने वाला, स्त्री से हीन ।
सप्तम में मंगल शुक्र-स्त्री के कारण अनर्थ, दुष्टाचार वाला ।
सप्तम में मंगल शनि-स्त्री के वश रहे, निघंन , अन्य स्त्री में रत ।
सप्तम में बुघ गुरु-अच्छां आचरण, उत्तम स्त्री तथा स्वजनों से युक्त ।
सप्तम में बुध शुक्र-राजा का मन्त्री, कल्याण कमं, स्त्री की चेष्टा करने वाला |
सप्तम में बुध शनि-स्त्री-पुत्र सुख से हीन, रोगी ओर धन युक्त ।
सप्तम में गुरु शुक-भोगी, स्त्री रत्न से युक्त, कन्याओं से युक्त ।
सप्तम में गुरु शनि-मूखं, मित्रों से वेर, नष्ट धन, पिता का धन वाला ।
सप्तम में शुक्र शनि-धन स्त्री रत्न सौख्य इनसे युक्त, कीतिमान् (जा० सं०)
नवम में दो ग्रह योग
नवम में सूर्य चन्द्र-नेत्र रोगी, धनी, सुभाग्य युक्त, कलह प्रेमी ।
नवम में सूर्य मंगल-दुःखी, कलह प्रिय, शूरवीर, प्रचण्ड, निपुण, राजप्रिय ।
नवम में सूर्य बुध-विद्वान्, बहुतों से बेर, दुःखी, नाना रोग ।
नवम में सूर्य गुरु-रोगी, भूषण वस्त्र गंध पुष्प प्रिय ।
नवम में सूर्य शुक्र-नेत्र रोगी, कलह प्रिय, रोगी, भाग्यवान्, सुन्दर बुद्धि ।
` नवम में सूर्य शनि-शठ, धूतं, रोगी, युद्ध. प्रिय, अनर्थं कर्ता, निर्धन, अल्पायु ।
नवम में चन्द्र मंगल-सम्पन्न, घाव युक्त, माता का अप्रिय, विकल अन्त ।
नवम में चन्द्र बुध-पुत्र हीन, विफल शरीर, बहुत बोलने वाला, उत्तम, शास्त्र
का ज्ञाता पंडित ।
नवम में चन्द्र गुरु-सौभाग्य घन से युक्त, सुखी, गुणवोन्, उत्तम ।
नवम में चन्द्र शक्र-माता की सपत्नी हो, व्याधि युक्त, व्यभिचारिणी का पति।
नवम में चन्द्र शनि-अति दुष्ट कमं करने वाला, माता के कुछ से भ्रष्ट ।
नवम में मंगल वुध-मन्त्रियो के शास्त्र में चतुर, सुन्दर भाग्य, भोगी,.
उद्विग्न चित्त ।
नवम में मंगल ग्ररु-पूज्य,धन वान्य युक्त,व्याधि या घावयुक्त शरीर,क्लेश युक्त ।
नवम सें मंगल शक-परदेशगामी, क्रूर महाधीर, परदेशवासी, प्रधान, स्त्री
से बेर।
नवम में मंगल शनि-सौख्य और धन नष्ट, पापी, दुराचारी, अन्य स्त्रीगामी
स्वजनहीन ।
नवम में बुध गुरु शास्त्र जानने वाला, न्यायी, भोगी, संपदा युक्त, समथं ।
नवम में बुध शुक्र-पंडित, गीत प्रिय,विख्यात,अच्छी बोली, धीर विद्वान् समर्थ ।