सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 375, कुल 454 में से
संदर्भ में पढ़ेंराजयोग : ३६५
१८४--अन्यमत---व्यय भें गुरु, तृतीय में चन्द्र, छठे मंगल, नवम बुध हो मकर का शनि लग्न में हो तो विख्यात गुण वाला राजा हो (बु० जा०) । १८५--व्यय में गुरु, तृतीयेश होकर शनि लाभ में हो सूर्य लाभ में हो, गुरु लग्नेश होकर बारहवें हों तो भूमि फल राजा हो (जा० पारि०) 1 १८६--वारहवें गुरु, उच्च का सूर्य लग्न में, दूसरे चन्द्र, तीसरे शुक्र, चतुर्थ में राहु, लाभ में बुध, षष्ठ में शनि हो तो राज कुल में उत्पन्न राज समूह में सम्राट पद को पाता है (जा० सं०) ।
१८७--बा रहवें गुरु, ग्यारहवें शनि व सूर्य या तृतीयेश हो लग्न से ग्यारहवें लग्नेश हो या गुरु से लग्नेश बांरहवें हो तो राजाओं का राजा हो (स० चि०) । १८८--मेष का गुरु, सातवें चन्द्र, चतुर्थ या दशम में शुक्र हो तो प्रतापी कीति- मान राजा हो (जा० भ०) ।
१८९--मेष का गुरु और सूर्य लग्न में हो दशम में मंगल हो और नवम में शुक्र बुध चन्द्र हो तो बड़ा राजा हो (शंभु०) । ८
१९०--मेष में गुरु शुक्र शनि हो, लगभग पूर्ण होकर चन्द्र उच्च का हो सूर्य पर मंगल की दृष्टि हो, मेष राशि उदय हो रही हो तो बहुत सेना युक्त राजा हो (फल० )
१९१--मेथ का गुरु, धन भाव में चन्द्र बुध, दशम में राहु शुक्र हो तो राज योग होता है (मान०) । :
१९२--सिंह में गुर और ७, ४, ९, १० राशि में सब ग्रह हों तो देश का भोगी
राजा हो (जा० सं०)।
अन्यमत--सिह में गुरु ओर ७, ८, ९, १० राशि में सब ग्रह हों तो देश का भोगी राजा हो (मान०) ।
१९ ३-क्षिह का गुरु, कन्या का शुक्र, मिथुन का शनि और चतुर्थ में स्वक्षेत्री
मंगल हो तो राजा हो (ल० चं०) ।
१९४--सिह का गुरु, कन्या में शनि चन्द्र, कुभ में राहु, मकर का मंगल हो तो
विश्व का पालन करता हो (मान०)।
१९५- वृष में गुरु चन्द्र हो ओर वली लग्नेश त्रिकोण में हो यदि शनि मंगल से
दृष्ठ न हो तो राजा हो (जा० पा०)।
१९६--वृष लग्न में गुरु चन्द्र हो, शनि, सूर्य, बुध मंगल शुक्र ये १,३,६, व १२
स्थान में हों तो राजा हो या धनवान् हो (प्रा० यो०) ।
१९७--वृष में गुरु मिथुन मों चन्द्र, मकर का मंगल, सिंह का शनि कन्या मां
बुध सूर्य, तुला में शुक्र हो तो महाराजा होता है ८ या १२ वषं जीता रहे तो विश्व का पालक सार्वभौम राजा होता है (ल? चं०) ।
१९८--मिथुन का गुरु, तुला का शनि, लग्न में वृष का बन्द्र हो मीन राशि में सूर्य मंगळ बुध शुक्र हो तो राजपुत्र राजा हो अन्य धनी हो (वृ० जा०) ।