भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

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४१४ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, तृतीय फलित खण्ड

१-वोशियोग चन्द्र को छोड़कर सूये से बारहवें स्थान में मंगल आदि ५ ग्रहों में

से कोई भी ग्रह हो ।

२-वेशि योग--चन्द्र को छोड़कर सूर्य से दूसरे स्थान में मंगल आदि कोई भी

अह हो ।

३-उभय चरी योग--चन्द्र को छोड़कर सूर्य से दूसरे और बारहवें दोनों स्थार्नो

में कोई ग्रह हो ।

४-करतरी योग--चन्द्र को छोड़कर जब सूर्य से दूसरे या वारहवें स्थान में कोई

भी ग्रह न हो ।

उपरोक्त योगों का फल

१-वोशि योग--घुन्धली आँखों वाला, बहुत कार्य करने बाला, नीचे को देखने

वाला, ऊँचे देह वाला, झूठ बोलने वाळा (जा. भ.) । सम दृष्टि, सत्यवक्ता, दीघ देह,

आलसी, सुखी, धनी (व्‌. पा.) । शुभ ग्रह युक्त--चतुर, दानी, विद्वान्‌, सदा आनंद,

परम सुखी, यशस्वी, बलवान्‌ ।

पापयुक्त--विदेशी, अति मूर्ख, कामातुर, खून करने को इच्छा, विकृत मुख

(जा, पारि.) ।

वोशि योग में-गुर हो--बहुत इकट्‌ ठी की हुई सम्पत्ति, सुन्दर दृष्टि ।

शुक्र खेद वाळा, शरीर से हीन, थोड़ा कार्य करने वाला, डरने वाला, पराधीन।

बुध--पराये तकं से युक्त, दरिद्री, कोमल, विनयहीन, निलेज्ज ।

मंगल--माता को मारने वाला, पराया उपकार करने व.ला ।

शनि--पर स्त्री में आसक्त, वृद्धों के समान आकार वाला, दयालु ।

२-वेशि थोग--दयावान्‌, मोटी देह वाला, वाग्विलास में कुशल, आलसी तिरछी

निगाह वाळा (जा. भ.) ।

कार्यों में निपुण, दानी यश विद्या बल से युक्त ( वृ० पा० )।

मंद दृष्टि, स्थिर वचन भाषी, बड़ा परिश्रमी, ऊपर से नवे हुए शरीर वाला,

अधोदृष्टि वाला ( मान० ) ।

शुभ ग्रह युक्त-सुशीळ, वक्ता, धनी, अभय, शत्रुओं को बीतने वाला ।

पाप ग्रह युक्त-दुष्टजनों का सेवक, पापात्मा, धन और सुखहीन (जा० पारि०)।

सर्य से दुसरे में गुरु_धेर्य, सत्य; बुद्धि से युक्त, युद्ध में क्रूर ।

सूर्य से दूसरे में शुक्र-जगत में विख्यात बड़ा गुणी, आर्य, बड़ा शूर । सूये से दूसरे में बुध-प्रिय वाणी, मनोहर शरीर, दूसरों को हँसी दिल्लगी में

बेवकूफ बनाने वालो ।

सूयं से दूसरे में शनि-वाणिज्य कला में स्वभाव रखने वाला, पर द्रव्य का हरण

कर्ता, गुरु जनों का द्वेषी ।

सूर्य से दूसरे में मंगळ-संग्राम में विख्यात, रथ हाँकने की विद्या में गुणवान्‌

सर्वेत्र विख्यात ।