सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें३८ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, तृतीय फलित खण्ड
नवम में सूर्य गुरु शुक्र “अच्छा, पण्डित, मनोहर, बहुत देश वाला, अति घीर,
सुन्दर बुद्धि, पंडित ।
नवम में सूर्य गुरु शनि--उत्तम पुरुष, राजा ओर गुणवान्, धनवान् 1 रै
नवम में सूर्य शुक्रशनि-कांति हीन, मलिन,राजा के दंड से युक्त, बुद्धि हीन, मूर्ख हे
नमव में चन्द्र मंगल बुध--धन, सुवर्ण, रत्न, भाग्य से युक्त, पहिली अवस्था में,
संताप युवत, और सब का नाश करने वाला ।
नवम में चन्द्र मंगल गुरु-जितेन्द्रिय, पंडित, गुरु देव साधु सेवा में तत्पर, विद्या
युवत, भोगी, सुन्दर ऐष्वयं युक्त ।
नवम में चन्द्र मंगल शुक्र-“घाव युक्त देह, रूप हीन, प्रभा क्षीण, स्त्री प्रिय, स्त्री
के वश में रहे, स्त्री द्वारा नाश को प्राप्त ।
नवम में चन्द्र मंगल शनि-- प्रातृवंश नाशक, वालपन में माता से वर्जित
और राजा ।
नवम में चन्द्र बुध गुरुकुल वंश वर्धक, आचार्य, विभव, मित्र इनसे युक्त,
राजा, बहु साधन युक्त ।
नवम में चन्द्र बुध शुक्र-माता की सपत्नी को उत्पन्न करने वाला, आनन्द
युक्त, मानयुक्त, बहुत पिता वाला, शुभ शील वाला । नु
नवम में चन्द्र बुध शनि--नपुंसक सम आचरण, अति विह्वछ, मलिन, निन्दित
बुद्धि, संग्राम से भागने वाला, दीन । वळ
नवम में चन्द्र गुरु शुक्र--राजा तुल्य, राज कुल में हो तो राजाहो। : ह
नवम में चन्द्र गुरु शनि--प्रिय भाषी, सदाचार युक्त, सुशील, विख्यात, समस्त
शास्त्रों में प्रवीण । ,
नवम में चन्द्र शुक्र शनि--कृषि से वृत्ति, शत्रु के पोषण में अनुरागी, निष्पाप,
शूरवीर, अतिथि, गुरुजन,स्वजन इनका भक्तः।
नवम में मंगल बुध गुरु--सत्यभाषी, जनों का प्रिय, सुन्दर शील सम्पन्न, अतीत
निपुण, भाग्यवान् ।
नवम में मंगल बुध शनि- वडा उत्साह युक्त, वहुदेश का स्वामी, विख्यात राज
सत्कार से सत्कृत ओर प्रचंड ।
नवम में मंगल बुध शनि- पराया तकं करने वाला, वचन गूढ़, मलिन ओर
खंडाकार, पर कार्य नाशक ।
नवम में बुध गुरु शुक्रदेव समान, सुन्दर शीळ सम्पन्न; विख्यात, राजा,
विद्वान्, धमं शील ।
नवम में बुध गुरु शनि--पुष्ट, पुर में गुण गण्य, चतुर, राजमन्त्री, प्रकाशित,
धनी, आज्ञाकारी सेवकों से युक्त ।
नवम में बुध शुक्र शनि--बुद्धिमान्, प्रकाशित, सुन्दर मनोहर वचन सुख युक्त 8
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