सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंअनेक ग्रहों के एक राशि में होने का फळ : ३९
तवम में गुरु शुक्र शनि- अन्न पान, विभव वाला, सुन्दर स्थान, ऐश्वयं युक्त,
सुन्दर रूप ।
चन्द्र से दशम में त्रिग्रह योग फल.
सूर्य मंगल वुध--धन युक्त, राज जन पूज्य, सवंजन पूज्य ।
सूयं मंगल गुरु-सुन्दर ऐश्वर्य, सम्पन्न शत्रुं को जीते, समृद्धि युक्त ।
सूर्य मंगल शुक्र--क्रूर, साहसी, पर धन हरने वाला ।
सूर्य मंगल शनि--क्रूर कर्म, छिपे पाप, दुराचारी ।
सूर्य बुध गुरु--विद्वान्, रूपवान्, ऐश्वयंवान्, धर्मात्मा, प्रिय ।
सुर्य बुध शुक्र--वड़ा यश, धर्मात्मा, क्रोधहीन, नहीं पराजित होने वाला,
सौभाग्य, सामग्रियों से युक्त, समृद्धि उत्पन्न करते हैं।
' सूर्य बुध शनि--क्रूर, चपल, शील हीन, शस्त्र अग्नि से विदीणं शरीर ।
सुं गुरु शुक्र-सुन्दर ऐश्वर्य, विद्या से प्राप्त धन, धर्म में प्रीत, योग भागी ।
सूयं गुरु णनि-रोगी, अति चपल, समस्त जनों से हीन ।
मंगल बुध गुरु-धर्मात्मा, बहुत कुटुम्ब, अनेक प्रकार का धन।
` मंगल बुध शुक्र-अच्छी कारीगरी से युक्त, मालाकार, सुवर्णकार, सब लोक
में हानि करने में युक्त ।
मंगल बुध शनि-धमं शील और निद्रा युक्त, सरल स्वभाव, सत्यभाषी ।
मंगळ गुरु शुक्र-धन युक्त, नीतिशास्त्र का ज्ञाता, देव ब्राह्मण का प्रेमी ।
मंगल शुक्र शनि-मलिन, असत्य भाषी, वध, बन्धन, विवाद इनसे युक्त ।
बुध गुरु शुक्र-इष्ट मित्रों से युक्त, धनी, अति सोभाग्य वाला, धर्मात्मा,
सात्विक गुण युक्त, धीर।
बुध शुक्र शनि-धन धर्मं से युक्त बुद्धि वाला, दयालु, सत्यभाषी ।
गुरु शुक्र शनि-अनेक रोग, विज्ञानी, सुजन, परदेशवासी ।
चतुग्रंह योग का फल
(१) सूर्य चन्द्र मंगल बुध-लिखने की जीविका करे, चोर, चुगलखोर, बड़ा
मायावी. प्रशस्त वाणी, बड़ा कुशल, ( मान० ) । लेखक का काम करनेवाला, मुखर
वाणी और माया में निपुण, वैद्य (लग्न चन्द्रिका) | मायावी, प्रपंची, लेखक, रोगी
( जा० परि० ) ।
सूर्य चन्द्र मंगल गुरु बड़ा निपुण, घनवान्, तेजस्वी, शोक रहित, नीतिज्ञ
(मान०) । प्रसंग में निपुण, घनी, तेजस्वी, शोकरहित, नीतिज्ञ (ल० चं०) । धनवान्
यशस्वी, बुद्धिमान्, राजा का प्रिय करने वाला, निरोग, निश्चिन्त (जा० पारि०)।
सूर्य चंद्र मंगल शुक्र-विद्या घन संग्रह कर्ता, सदा सुखी, पुत्र कलत्र युक्त, वाणी
से वृत्ति करने वाला (उपदेशक आदि) (मान०) । विद्या और धन का संग्रह करने