भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished454 पृष्ठ

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४४ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा तृतीय, फलित खण्ड

चन्द्र बुध गुरु शुक्र-धर्म युक्त, कलाओं में चतुर ।

चन्द्र बुध शुक्र शनि-मायावी, प्रचण्ड, कुछ नीति वेत्ता, धनयुक्त । 0

चन्द्र गुरु शुक्र शनि-बुद्धिमान्‌ पण्डित, धन सुवर्ण रत्न से युक्त, सुन्दर ऐश्वय ।

मंगल बुध गुरु शुक्र-मायावी, प्रचण्ड, संग्राम में पूज्य धीर ।

मंगल बुध गुरु शनि-शत्रु पक्ष से क्षीण, संग्राम में प्रचण्ड, सुन्दर धीरज ।

मंगल बुध शुक्र शनि-विदेशगामी, धनों से हीन.क्षुद्र. दयाहीन, दुष्ट स्वभाव ।

मंगल गुरु शुक्र शनि-सुन्दर मुख, धनी, विद्या विनय युक्त, साहसी सुजन प्रिय ।

बुध गुरु शुक्र शनि-परजनों से वाद विवाद कर्ता, पर स्त्री में प्रीत ।

चंद्र से दशम में ४ ग्रह योग

सूया मंगल बुध गुरु-प्रकाशवान्‌ शरीर, कूर, दानी, सकेल कार्य कर्ता ।

सूर्य मंगल बुध गुरु-मालाकार, लेखन और चित्र कार्य में युक्त ओर कार्यकर्ता ।

सूर्या मंगल बुध शनि-नीच कमं कर्ता, धर्म कार्य में युक्त ।

सूयां मंगल गुरु शुक्र-खेती करने वाला, धर्मात्मा, बहुत धान्य धनों से युक्‍्त,सदा

उद्यम कर्ता ।

सुम मंगल गुरु शनि-पर धन हर्ता, क्रूर कर्म में युक्त ।

सुय मंगल शुक्र शनि-समर्थ आचार वाला, प्रकाशित होने वाला, चतुर ।

सूय बुध गुरु शुक्र-निपुण, मधुरवाणी, मल्ल वृत्ति, कृषि कर्ता ।

सूर्या बुध गुरु शनि-पर वचनों में आसक्त, चतुर, क्रूर कर्म कर्ता ।

सूय बुध शुक्र शनि-क्रषि कर्म कर्ता, चतुर, सुन्दर भाषी, कठिन स्वभाव ।

सूय गुरु शुक्र शनि-परदेशवासी,अनेक कमं कर्ता । *

मंगल बुध गुरु शुक्र-प्रगल्भ, संग्राम से शूर, पण्डित और चतुर ।.

मंगल बुध गुरु शनि-वेरियों का नाशक, कठिन स्वभाव, शूर वीर, संग्राम में

सदा उद्यत ।

मंगल बुध शुक्र शनि-अच्छा विद्वान्‌, सबसे अधिक शूरवीर, विशाल शरीर ।

मंगल गुरु शुक्र शनि-धीर, धनी, बहुत से कुटम्ब वाला ।

पंचग्रह योग का फल

सूय चन्द्र मंगल बुध गुरु-बड़ा प्रपंची दुःखी, स्त्रियों का विरही [ मान० |,

[७० च० |। युद्ध में कुशल, चुगुल और समर्थ ( जा० पारि० ) ।

सूय चन्द्र मंगल बुध शुक्र-सत्य और भाइयों से रहित, दूसरे का काम करने वाला, नपुंसक का मित्र [ मान ० ], [ छ० चं० ] । विद्यार्थी, श्रद्धावान्‌, अन्य कमं, परायण, बन्धु रहित [ जा० पारि० ]।

सूय चन्द्र मंगल बुध शनि-अल्पायु,विकल, दुःख भोगी, पुत्र रहित, बन्धन का भागी [मान० | । अल्पायु, स्त्री पुत्र हीन, बंधन का भागी [ल चं०] । अल्पायु, धन कमाने में तत्पर, बिना स्त्री पुत्र वाला [जा० पारि०] ।