सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 94, कुल 454 में से
संदर्भ में पढ़ें८६ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, तृतीय फलित खण्ड
५ शुक्र से दृष्ट-बुरी स्त्री का संगं । ६ शनि से दृष्ट-कूपण हां 24
७ शनि से दृष्ट-कृपण हो । (१२)मीन लग्न-के किसी नवांश में
(११) कुम्म लग्न-के किसी नवांश चन्द्र हो उस पर ग्रह दृष्टि का फल
में चन्द्र हो उस पर ग्रह दृष्टि काफल- १ सूर्य से दृष्ट-वलवान् ।
१ सूर्य से दृष्ट-संतति थोड़ी । २ मंगल से दृष्ट-युद्ध सिखावे ।
२ मंगल'से दृष्ट-दुखित । ३ वुध से दृष्ट-ठट्ठा करे ।
३ बुध से दृष्ट-गविष्ठ । ४ गुरु से दृष्ट-मंत्री हो ।
गुरु से दृष्ट-स्वकुल प्रमाण , १ शुक्र से दुष्ट-नपुंसक द्दो ।
५ शुक्र से दृष्ट-बुरी स्त्री का संग । ६ शनि से दृष्ट-धामिक हो ।
लग्न के किसी भी नवांश में चन्द्र हो उस चन्द्र पर सूर्य आदि ग्रहों की दृष्टि का
फल दे चुके हैं उसी के अनुसार यदि चन्द्र किसी भी ग्रह को देखता हो तो वह ग्रह
उस लग्न के नवांश में जो हो उसका फल वही होगा जो उस नवांश में चन्द्र होने
पर चन्द्र की दृष्टि का फल बताया है ।
नवांश की राशि अनुसार फल
१ जन्म मेष नवांश में हो-चोर हो । ७ तुला नवांश में जन्म-शूरमा।
२ जन्म वृष नवांश में हो-भोगवान् । ८ वृश्चिक नवांश में जन्म-विना पैर
भार ढोवे ३
३ जन्म मिथुन नवांश में हो-पंडित । ९ धन नवांश में जन्म-दास ।
४ जन्म ककं नवांश में हो-धनवान् । १० मकर नवांश में हो-पापी ।
५ जन्म सिंह नवांश में हो-राजा । ११ कुंभ नवांश में जन्म-क्रूर स्वभाव ।
६ जन्म कन्या नवांश में हो-नपुंसक । १२ मीन नवांश में जन्म-निर्भय ।
उपरोक्त फल केवल नवांश का है ।
इन योगों में वर्गोत्तम हो तो उपरोक्त का राजा होता है ।
जैसे मेष लग्न में मेष नवांश हो तो वर्गोत्तम होने से-चोरों कां राजा होगा ।
जैसे वृष लग्न में वृष नवांश हो तो वर्गोत्तम होने से-योगियों का राजा इत्यादि ।
ग्रह के नवांश में जन्म का फल
५--सूर्य के नवांश में-दुष्टात्मा, बलवान्, पुत्रवान्, धनवान्, कामी, पीतनेत्र ।
२--चन्द्र के नथांश में-भोग करने में दक्ष, परस्त्री विलास, गो त्रंश और धन
से पूर्ण, पंडित ।
` ३--मंगल के नवांश में-क्र्रकर्मी, चञ्चलबृद्धि, घूमनेवाला, पित्तरोगी, लोभी ।
४--बुध के नवांश में-त्यागी, रोगी, ललित शरीर, नामी विद्वान्, यशस्वी ।
५--गुरु के नवांश में-सुवर्ण के सदृश बाल, शरीर श्रेष्ठ, रूपवान्, मंत्री ।
६८ शुक्र के नवांश में-परस्त्री गामी, त्यागी, सुखी, पंडित ।
७--शनि के नवांश में-पाप बुद्धि, दरिद्र, स्थूल दाँत, रोगवान् ।