भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished418 पृष्ठ

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ग्रह कारक : १०९

८ वारा कारक ग्रह- जाति कारक से अल्प. अंश वाला ग्रह । इससे दारा (स्त्री ) संबंधी दुःख सुख का विचार होता है । सम, . स्थिर, पद, उपपद आदि कारक से भी स्त्री सम्बन्धी विचार होता है । उदाहरण स्वरूप ७ ग्रह स्पष्ट में आत्म कारक आदि नीचे बताया जाता है ( इसमें राशि का कोई विचार नहीं होता केवल अंशादि का विचार करना ) ।

आत्म कारक आदि का उदाहरण

EZ गण[sas

१ सूर्य ११-५-४०-४५ ग्रह ५ गुरु ९-१३-३४-९ ` स्पष्ट | रे चन्द्र १०-२-७-५५ ६ शुक्र ११-१३-३३-४८ ३ मंगल ७-१२-२९-४४ ७ शनि ४-८-३९-४८ ४ बघ १०-२०-५६-५६ ८ राहु २-८-६-३२

उनि कारक | आत्म | अमात्य र | भ्रातृ आज

मातृ कारक | कारक | कारक | कारक | पुत्र | ज्ञाति नक आओ कारक | कारक l

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ग्रह

शि १ ३ x कारक आत्म अमात्य भ्रातृ मातु कारक कारक कारक कारक ग्रह मंगल

अंशादि १२-२९-४४

५ < ७ < पितृ पुत्र ज्ञाति दारा कारक कारक कारक कारक

यं चं sf" , ” दहु 1 ” w 1 77 ० 3 3

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८-३९-४८ ८-६-३२ ५-४०-४५ | २-७-५५

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