सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें११८ : ज्योतिष-शिक्षा, तृतीय फलित खण्ड
समझे जाते हैं । जिनके जन्म समय इस प्रकार योग कारक हो वह नीच बंश में
भी उत्पन्न होकर राजा के समान धनवान. और सुखी होता हँ । राज बंशोपन्न
तो निश्चय हो राजा होता है। इसी प्रकार कारक की संख्या और कुल के
अनुसार अनुपात से फल समझना। जैसे
लग्न कर्क में चन्द्र गुरु हो, चतुर्थ में शनि
हो, सप्तम मंगल; दशम _ सूर्य हो- तो ये
सब ग्रह केन्द्र में उच्चवर्गी हैं भतः ये
परस्पर कारक हुए। ऐसे हो स्वगृही, मूल
विशषण वाले ग्रह भी कारक होते हैं ।
या चन्द्र स्वगृही होकर या उच्च का
होकर लग्न में हो ओर मंगल सूर्य शनि गुरु ये चारों ग्रह भी केन्द्र में हों तब सब ग्रह
कारक संज्ञक कहलायेंगे ।
या जन्म में सिह या मेष का सूर्य लग्न में हो तो सूयं शनि गुरु ये परस्पर कारक
संज्ञक हुए ।
( ३ ) कुंडली में शुभ ग्रह लग्न में हो और कोई भी ग्रह दशम या चतुर्थ में बैठा हो तो
वह कारक संज्ञक हो जाता है वह कारक ग्रह अपने उच्च राशि मूल त्रिकोण या
स्व राशि में हो तो फलदायक होता है ।
( ४ ) उच्च, मूल, त्रिकोण, स्वराशि, व स्वनवांश में बैंठा ग्रह दशम भाव में हो तो
विशेष कारक होतां है । इनमें भी विशेष कर सूर्य को यह कहा जाता है ।
(५ ) एक ग्रह दुसरे ग्रह से अच्छा सम्बन्ध होने से जन्म समय. कारक होते हैं जैसे गुरु
जन्म में सूर्य से नवम है तो यह कारक हो गया ।
शनि जन्म में चन्द्र से ग्यारहवां है तो यह कारक हो गया ।
शनि मंगल का कारक तब हो जाता है जब वह जन्म समय जहां है वहाँ से
ग्यारहवें में हो । ऐसी स्थिति लाभजनक होती है।
( ६) जो ग्रह दशम स्थान में ह वह॒ उस ग्रह से दशम स्थान में जो ग्रह है उस ग्रह में
विशेष कर कारक हो जाता है ।
(७ ) लग्न को छोड़कर परस्पर केन्द्र .में स्वक्षेत्र या उच्च या मूल त्रिकोण में हो तो
कारक होता ë । -
(८) जो ग्रह लग्न में हो यह ग्रह लन में दशाम में या चतुर्थ में हो तो कारक होता है ।
(९) इग्न में जो ग्रह हो उससे सर्व ग्रह कारक होता हूँ. परन्तु शेष स्थान में लग्न में
का ग्रह कारक नहीं होता ।
(१०) कारक होने का केन्द्र कारण है ऐसा नहीं है परन्तु जो ग्रह. स्वदोत्री उच्च या
मूल त्रिकोण में है व उसते दशम में. जो ग्रह है वह ऊपर बताये अधिकार का या
मित्र क्षेत्र का है तो कारक होता ë 1: यदि जन्म काल में उपरोक्त अधिकार को