भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished418 पृष्ठ

पृष्ठ 150, कुल 418 में से

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गुलिकम दिन | रविवार | सोमवार

१३४ : ज्योतिष-शिक्षा, तुतीय फलित खण्ड

यहाँ लिया । मीन के स्थान में ककं राशि सिर्फ बदलेगी शेष अंश आदि यही रहेंगे ।

तब सूर्य रेरा.-५ ४४ ०-४५४ मानना पड़ेगा 1

रा. ० "

सूर्य ३- ५-४०-४५ सूर्य मीन का था उसके बदले कर्क का होगा

मध्यम प्राणपद ३-१३-२५ अंशादि वे ही रहे । जो ऊपर गणित से प्राप्त हुआ था ।

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प्राणपद ६-१५-५-४५ .'. तुला राशि पर प्राणपद आया ।

प्राणपद स्पष्ट ६रा.-१ ९०-५'--४५" आया १

गुलिक इष्ट जानना em नाला

| बुघवार | गुरुवार | शुक्रवार | शनिवार

NR < ५ SNR x ३ २ १

७ २ र्‌ ७ ६ 64 ! ४

रीति-दिन में=दिन मान 7 ८-लब्धि एक खंड का मान %इष्ट दिन का दिन￾ध्रुवांक-गुलिक दिन इष्ट । रात्रि में-रात्रि मान + ८=छब्वि एक खंड का मान X इष्ट

दिन का रात्रि-धुवांक=्गुखिक रात्रि खंड + दिन मान=्गुलिक इष्ट 1

उदाहरण- मंगवार का जन्म, दिनमान २९-५३-२५ रात्रिमान ३० -९-३५

रात्रि का जन्म है।

रात्रि मान ३०६-३५ + ¿=š घ०-४५ ५०-४९ वि० रात्रि का एक खंड हुआ ।

मंगल को रात्रि धुवांक १ से । ( ३-४५-४९ ) x (०-४ व०-४९ वि०

रात्रि गुलिक खंड ३-४५-४१ गुलिक इष्ट से लग्नवत्‌ गुलिक लग्न निकाल

ब.

मंगलवार

+दिन मान २९-५३-९५ लेना ।

गुलिक इष्ट =३३-३९-१४

गुत आदि खंड के स्पष्टीकरण का I l — आदि खंड के स्पष्टीकरण का चक्र

बार १संड १ खड रेलंड २खंड ३ vse खंड अ '४खंड ५ खंड ६ खंड . ७ खंड ८ खंड

रविवार रवि चंद्र मंगल बुध शु शुक्र शनि x

सोमवार चंद्र मंगल बुध गुरु शुके शनि रवि x

मंगलवार मंगल बुध गुरु शुक्र शनि रवि चंद्र Xx

E बुधवार बुघ गुरु शुक्र शनि रवि चंद्र मंगल x

गुरुवार गुरु शुक्र शनि रवि चंद्र मंगल बुघ Xx

शुक्रवार शुक्र शनि रवि चंद्र मंगल वुध गुरु x

tamia ss 2 —— शनि रवि चंद्र मंगल बध गुरु शुत्र >

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