सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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गुलिक आदि विचार : १३५
बार १ खंड २ खंड ३खंड ४खंड ५१ खंड ६ खंड ७ खंड ८ खंड
रविवार गुरु शुक्र शनि रवि चंद्र मंगल बुध
सोमवार शुक्र शनि रवि चंद्र मंगल बुघ गुरु
मंगलवार शनि रवि चन्द्र मंगल बुध गुरु शुक्र
बुधवार रवि चन्द्र मंगल बुध गुरु शुक्र शनि
गुरुवार चन्द्र मंगल बुध गुरु शुक्र शनि रवि
शुक्रवार मंगल बुध गुर qm शनि रवि चन्द्र
शनिवार बुध गुरु शुक्र शनि रवि चन्द्र मंगल
रात्रि खणड
, उपरोक्त दिन व रात्रि खण्ड देखने से प्रगट होगा कि शनि कोन-कोन खण्ड में है,
१ शनि का खण्ड=्गुलिक खण्ड जहाँ-जहाँ शनि है, वह गुलिक का खण्ड
२ गुर. ,, =्यमघण्ट ,, हुमा । गुरु से यमघंट, मंगल से मृत्यु, रवि
३ मंगल „ मृत्यु # से काल और बुघ से अद्ध प्रहर का खण्ड
४ रवि „ काल र होता है। किस दिन रात्रि या दिन में कोनwq ,, घ्अद्धंप्रहर ,, कौन सा खण्ड होता है ऊपर चक्र से समझ
पड़ेगा आठवां खण्ड बिना स्वामी के होता है ।
गुलिक यमघण्ट आदि का ध्रुवक उपरोक्त चक्रानुसार
लंड दिन राव रविवार nes सोमवार. मंगलवार मरी बुधवार गुरुवार शुक्रवार शनिवार
खंड
गुलिक दिन ७ ६ ५ ॐ ३ २ १
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यमघण्ट दिन ५ x 3 २ १ ७ <
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मृत्यु खण्ड दिन ३ र १० NAN 3
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उपरोक्त विधि से यह मी जान सकते हैं कि इष्ट काल में किसी विक्षेष दिन को
कौन सा खण्ड हे ।