भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished418 पृष्ठ

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'निषेक'अध्याय : १९५

गर्भ पुष्टि--मास पति बलवान्‌ हो तो गर्भ पुष्ट करता है ।

गर्भ पात--शनि मंगल लग्न में हों तो गर्भपात हो, चंद्रमा भी उसी भाव में हो या

उसे देखे तो गर्भपात हो, मंगल अष्टम हो तो गर्भपात होता है ।

गर्भ नार—चन्द्र या आधान लग्न पाप ग्रहों के बोच हो शुभ प्रह की दृष्टि न हो

तो गर्भ नांश हो । आघान लग्न से तीसरे स्थान में चंद्र व २-४-१२ वें

घर में पाप ग्रह हो तो गर्भ नाश हो ।

गर्भ पात समय--जिस मास का स्वामी निःपीड़ित हो उसो महीने में गर्भपात हो ।

लग्न से सप्तम में सूर्य हो तो उस मास में गर्भपात हो ।

'पोड़ित ग्रह छन्नण--युद्ध में पराजित ग्रह, केतु से घुमित ' ग्रह उल्कापात, बाल ग्रह,

सूर्य चन्द्रमा पाप युक्त या ग्रहण से युक्त हों तो पीडि

कहलाते हैं । नु

आधान से पुरुष या स्त्री को कष्ट या मृत्यु

आधान या प्रश्न काल में सूये से सप्तम में मंगल ओर शनि हों तो अपने महीने में

थुरुष को कष्ट देते हैं ।

चंद्रमा से सप्तम मंगल शनि हों तो अपने महीने में स्त्री को पीड़ा देते हैँ ।

सूयं से दूसरे बारहवें मंगल शनि हों तो अपने महीने में पुरुष की मृत्यु करते हँ ।

चंद्र से दूसरे बारहवें मंगल शनि हों तो अपने महीने में स्त्री की मृत्यु करते हँ ।

सूर्य यदि मंगल शनि से युक्त या एक से दृष्ट हो तो पुरुष की मृत्यु करते हैँ ।

चंद्रमा शनि मंगल से युक्त या एक से दृष्ट हो तो स्त्री को मृत्यु करता है ।

आधान लग्न से जन्म समय ज्ञान

(१ ) गर्भाधान लग्न से तोसरे घर में या उससे पाँचवें या नव घर में जब सूयं

जावे तब सन्तान होगी ।

(२) गर्भाधान लग्न से पाँचवाँ घर वह है जिससे भविष्य में जन्म की लग्न बच्चे

की होती है 1 मान लो मेष लग्न में गर्भाधान हुआ तो मेष से पाँचवाँ सिंह हुआ जब

सिंह लग्न होगी तब जन्म होगा 1 छ

(३) प्रश्‍न लग्न में जिस राशि का चन्द्र हँ उससे सप्तम राशि के चन्द्र में जन्म

होगा ऐसा बादरायण का मत है ओर गर्ग के मत से पंचम राशि कें चन्द्रमा में जन्म

होता है । अन्य प्रकार से जन्म समग्र जानना पु

(१) आघान या प्रश्‍न लग्न में जिस नवांशक में चन्द्रमा हो उससे सप्तम राशि

शत चन्द्रमा में जन्म होता है!

नवांश जितना मुक्त हुआ है उसके अनुपात (त्रराशिक) से प्रसृति कालिक चंद्रमा

के अंश व नक्षत्र का मुक्त निकशता है । उसोसे दृष्ट काल भी निकलता है 1

(२) या लग्न के नवांशपति की राशि गत चन्द्रमा में जन्म होगा !