सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 217, कुल 418 में से
संदर्भ में पढ़ेंनिषेक अध्याय : २०१
(५) लग्नेश बुध के साथ हो पुरुष (विषम) नवांश में शुक्र व लग्न में चन्द्र हो ।
मतांतर--शुक्र छर्न चंद्र विषम नवांशक में हों ।
मवांतर--शुक्र चन्द्र विषम नवांशक में हों ।
( ६ ) विषम चंद्र मंगल के साथ या सम राशि गत मंगल से दृष्ट हो ।
'मतांतर--छूग्न चन्द्र विषम राशि में हो मंगळ सम राशि गत होकर चंद्र को देखे ।
» ऊन और चन्द्र विषम में हो जिस पर मंगल को दृष्टि हो ।
गए लग्न सम, चन्द्र विषम दोनों विषम नवांश में हों जिन पर मंगल को दुष्ट हो ।
(७) मंगल विषम में सूर्य सम राशि में हो दोनों को परस्पर दृष्टि हो । विषम में
सूर्य हो उस पर सम राशि गत मंगल की दृष्टि हो ।
( ८) शुक्र सूर्यं लर्न बली होकर विषम नवां में हों ।
( ९ ) लग्नेश बुध हो शुम दृष्ट न हो तो भो नपुंसक उत्पन्न करता है ।
यहाँ बुध नपुंसक उत्पन्न करने वाला ग्रह है। इसी प्रकार चन्द्र और शनि भी
नपुंसक उत्पन्न करता है । क्योंकि बुध शनि नपुंसक ग्रह हैं और चन्द्र शुक्र स्त्री ग्रह हैं ।
सूर्य मंगल गुरु पुरुष ग्रह हैं । :
स्त्री पुरुष दोनों नपुसक--बुध को राशि में लग्न में षष्ठेश हो, लग्नेश भी बुध को
राशि में हो तो स्त्री पुरुष दोनों नपुंसक हों ।
मतांतर--बुत्र की राशि में जन्म हो उसमें षष्ठेश हो, वुध युक्त या दृष्ट हो तो
उपरोक्त फल केवल पुरुष नपुंसकच्यूर्वो्त योग में ऐसी राशि पर मंगल ओर qd हो तो
भी केवल पुरुष नपुंसक हो ।
यहाँ ऊपर बताये नपुंसक योग में एक बात विचारणीय है यह कुछ खटकतो है ।
एक ग्रह सम में हो दूसरा विषम में हो तो उनकी परस्पर पूर्ग दृष्टि कैसे हो सकती है ?
जैसे
शनि
सम
सम
चन्द्र,
बुघ विषम
विषम
आदि
में सूर्य
की परस्पर
को या व
थूणं दृष्टि नहों हो सकती परन्तु एक
पाद, द्विपाद या त्रिपाद दृष्टि हो सकती
है इसमें पूर्ण दृष्टि का विचार न कर
अन्य दृष्टि का विचार हो सकता है।
“इसी कारण किसो-किसी ने सम विषम
का बंधन न कर परस्पर पुर्ण दृष्टि ही होना इस योग के लिये बताया है ।
पिंडाकार जन्म
आधान लर्न में बुध या शनि हो उसपर पापग्रह की दृष्टि हो तो उस गर्म में पिडा"
कार बालक ( बेडोल ) होगा । परन्तु उस बुध शनि पर शुभग्रह की दृष्टि हो तो पिडा
कार नहीं होगा । . :