भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished418 पृष्ठ

पृष्ठ 222, कुल 418 में से

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पृष्ठ 222

२०६ : ज्योतिष-शिक्षा, तृतीय फलित खण्ड

(१३) लग्न और चन्द्र एक साथ अलग-अलग पापग्रहों के मध्य में हों शुभ दृष्टि रहित

हों तो उपरोक्त फल ।

(१४) ६, ८, १२ भाव में क्रूर ग्रह हो इन स्थानों में शुभ ग्रह न हों पाप ग्रह के मध्य के

शुक्र या गुरु हो तो प्रसव होते हो स्त्री पुत्र दोनों मरे ।

(१५) रूरन में चन्द्र व ७, ८, स्थानों में पापग्रह हो शुभ दृष्टि न हो तो दोनों मरें ।

(१६) चन्द्र या पापग्रह उक्त शनि या राहु युक्त लग्न से अष्टम स्थान में हों तो दोनों

भरें ।

(१७) लग्न में ग्रस्त चन्द्रमा (राहु युक्त ग्रहण नक्षत्र का) पाप युक्त हो अष्टम मङ्गल

हो, तो दोनों मरे ।

(१८) (अमावस्या को राहु केतु युक्त) ग्रस्त सूर्य लग्न गत हो शनि च बुध से युक्त हो

मंगल अष्टम में हो । यदि सुयंबली हो शुभ युक्त या दृष्ट हो तो योग भंग हो जाता

है । अरिष्ट भंग के और भी योग आगे मिलेंगे ।

(१९) शनि राहु के साथ लग्न में हो मंगल. अष्टम हो तो बालक सहित माता की

मृत्यु हो।

(२०) बली सूर्य, शनि से युक्त या दृष्ट होकर, शुक्र से तीसरे भाव में हो या क्षीण चंद्र

पाप युक्त शुक्र से तीसरे घर में हो ।

(२१) चन्द्रमा पापग्रह युक्त लग्न में हो अष्टम में मंगल हो ।

(२२) सूर्य पापग्रह युक्त यः राहु केतु युक्त लग्न में हो अष्टम में मंगल हो ।

(२३) लग्न दशम स्थान में नीच का होकर पाप क्षेत्री मंगल हो.तो उपरोक्त फल ।

(२४) पापग्रह सप्तम स्थान में हो पापग्रह से दृष्ट हो शुम. दृष्टि न हो तो माता सहित

बालक का क्षप हो ।

(२५) सप्तम या अध्टम स्थान में पापग्रह हों शुभ दृष्टि न हो तो माता और बालक को

कष्ट हो ।

बालक मरे मां बचे

(१) उपरोक्त योग में चन्द्र पर शुभ ग्रह की दृष्टि हो तो बालक मरे मां वचे ।

(२) यदि ६-१२ भाव में पाप ग्रह हो तो पुत्र मरे ।

(३) अष्टम में गुरु शुक्र हो तो स्त्री का पुत्र मरे ।

प्राता मरे बालक बचे

(१) १-७-८ भाव में पाप ग्रह हों तो माता मरे बालक नहीं मरे ।

माता का शस्त्र स मरण

लग्न में शनि राहु युस्त चन्द्र हो मंगल अष्टम हो यहः१९ वाँ योग बालक सहित

माता के मरण का बताया है इसमें--

(१) सूर्य भी साथ हो तो शस्त्र से मृत्यु हो ।

(२) या चंद्रमा की तरह सूयं भी हो तो शस्त्र से व गिरने से मृत्यु हो।

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