सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 226, कुल 418 में से
संदर्भ में पढ़ें२१० : ज्योतिष-शिक्षा, तृतीय फलित खण्ड
किस प्रकार जन्म
१--शीर्पोदय लग्न में सिर से जन्म ।
२-नपृष्ठोदय लग्न में चरण से जन्म ।
३--उभयोदय <ग्न में हाथों से जन्म ।
अन्य प्रकार--शार्षोदय लग्न में जन्म समय आकाश की ओर मुंह ( उत्तान )
फर जन्मा
पृष्णोदय लग्न में जन्म समय नीचे की ओर मुंह कर. ( औँघे ) ।
उभयोदय ५ मीन ) लग्न में जन्म समय करवट होकर जन्मा, तिरछा ।
बालक किस प्रकार जन्मा
लग्न जिस प्रकार की राशि की हो जो स्वभाव उस राशि का हो उसी भांवि जन्मा
जैसे लग्न मेष-भेडों की भांति. वृष-गौ की भांति, मिथुन-मनुष्य की भांति आदि !
जन्म समय बालक का सिर
१, ५, ९ ( राशि ) में सूर्य हो तो पुव की ओर बच्चे का सिर होगा ।
२, ६, १० ( राशि । में सूर्य हो तो दक्षिण की ओर बच्चे का सिर होगा ।
३, ७, ११, ( राशि । में सूर्य हो तो परिचम की ओर बच्चे का सिर होगा ।
४, ८ १२ (राशि ) में सूर्य हो तो उत्तर की ओर बच्चे का सिर होगा 1
संस्कार हीन जन्म
१--लग्न से ९ या १० स्थान के स्वामी दृष्ट स्थान में हों, लग्नेश बलवान् हो तो
बालक के सामन्त, जातकर्मादि संस्कार नहीं होंगे ब्राह्मण पुत्र होने पर भी वह वालक
संस्कार रहित हो ।.
२--लाभ स्थान में पाप.ग्रह या पाप-राणि हो तो भी पूर्वोवत फल ।
मनुष्य जन्म १- बलवान् शुभग्रह स्वस्थान में हों तो पशुयोनि जन्म न होकर मनुष्य योनि का
जन्म समझना ।
२- गुरु शुक्र या बुध अच्छे स्थान में होने से अच्छे मनुष्य का जन्म समझना ।
R — शुभ ग्रह अपने घर में हों पाप ग्रह अपने घर में हों तो पशु जन्म नहीं
समझना ।
वियोनि जन्म
वियोनि--मनुष्य छोडकर इतर पशु पक्षी कोट जलचर पेड़ पौघे आदि समझना 1
१--प्रश्न या जन्म के समय चन्द्रमा जिसके द्वादशांश में हो उसी जाति की योनि
का जम्म समझना 1 कोई पशु आदि की कुंडली दिखा कर पूछे तब इसका विचार करना।
१--मंष द्वादशाश में चन्द्र हो तो बकरा भेड़ आदि का जन्म ।
२-वृष द्वादशांश में चन्द्र हो तो गो बैल भेस आदि का जन्म 1
३--कक ढादशांश में चन्द्र हो तो केकडा कछुवा आदि का जन्म 1
४-- सिंह द्वादशांश में चन्द्र हो तो सिंह मृग कुत्ता बिल्ली आदि का जन्म |