सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंनिषेक अध्याय : २११
५--वृश्चिक द्वादशांश में चन्द्र हो तो सपं विच्छू आदि का जन्म ।
६--घन उत्तरार्द्ध द्वादशांश में चन्द्र हो तो मेढ़क, छिपकली आदि का जन्म ।
७--मीन द्वादशांश में चन्द्र हो ता मछली आदि का जन्म 1
जब कुंडली में वियोनि योग दीख पड़े तब उपरोक्त बताना 1
अन्य योग-पशु जन्म का
१--पाप ग्रह बली, शुभ ग्रह निर्बल, नपुंसक ग्रह ( बुध, शनि ) केन्द्र में हो।
२--पाप ग्रह बली, शुभ ग्रह निबेळ लर्न को नपुंसक ग्रह देखे ।
;— a कूर द्रेष्काण में हो शुभ प्रह Fade लग्न चंद्र पर नपुंसक ग्रह की दृष्टि हो ।
४--पाप ग्रह बली एवं नवांश में शुभ ग्रह निर्बल हो दूसरों के नवांश में हो ।
५--पाप ग्रह बली स्वगृहो हो, शुभ ग्रह शत्रु राशि आदि में, लग्न में ' चतुष्पद .
-राशि हो । '
६--लग्न द्विस्वभाव राशि पक्षी द्रेष्काण में बली पाप ग्रह की दृष्टि हो जो चर
नवांज या वुघ के नवांश में हो । :
७--लग्नेश चतुर्येश परस्पर राशियों में हों या लग्नेश चतुर्थेश राहु केतु युक्त हो ।
८--पाप ग्रह बली शुभ ग्रह निर्बल लंग्नेश.मोर चतुर्थेश के साथ हो और एक
दूसरे के स्थान में हो इसमें राहु केतु हों, केन्द्र में नपुंसक ग्रह हो ।
q— < लग्न में पक्षी द्रेष्काण हो उसमें बुघ का नवांश हो या चर लग्न में बली
पाप ग्रह की दृष्टि हो ।
१०--उदित नवांश बुध का हो जिसमें चर द्रेष्काण हो पाप दृष्टि हो शुभ
दृष्टि न हो ।
वियोनि जन्म-अन्यमत
चतुष्पद जन्म--चतुर्थेश लग्न में लर्नेश चतुर्थ में और ग्रहों से दृष्ट युक्त हो ।
बकरा बकरो--उपरोक्त योग में राहु केतु से युक्त या दृष्ट हो ।
गो--गुर शुक्र और चन्द्र के योग या दृष्टि से ।
महिषी--शनि युक्त या दृष्ट होने से ।
अन्य पशु--अन्य पाप ग्रह युत या दृष्ट हो 1 ५ '
बिल्ली सुअर बंदर आदि-<दितीय या सप्तम में पंचमेश या चतुर्थेश हो, पाप
या दृष्ट हो, पुरुष ग्रह हो तो बंदर सुअर बिल्ली आदि का जन्म । _
पक्षी का जन्म
पक्षी द्रेकाण मिंथुनका सिंह का | तुला का | कुंभ का
दूसरा पहिला दुसरा पहिला