सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें२१४ : ज्योतिष-शिक्षा, तृतीय फलित खण्ड
खंदक खाई में--वृषिचिक या कक लग्न हो, लग्न में शनि हो, उसे चन्द्र देखे या
वहां चन्द्र हो ।
नृत्यशाला ( क्रीड़ा स्थळ ) आदि में या शयन स्थान में-जलचर राशि लग्न में
हो उस पर बुघ को दृष्टि हो ।
ऊषर भूमि में-जलचर राशि का लग्न हो जिसमें जलचर राशि हो वहां शनि हो
जिन पर चन्द्र की दृष्टि हो । ( अन्य मत से सूर्य की दृष्टि होना बताया है ) ।
देवस्थान मॅ--उपरोक्त शनि पर सूर्य की दृष्ट हो ( अन्यमत में वहां चन्द्र की
दृष्टि होना बताया हे ) ।
दइमशान में--पुरुष राशि लग्न में हो, लग्न में शनि हो जिस पर मंगल को
दृष्टि हो । शिल्प (कारीगरी) गृह में--पुरुष राशि लग्न में हो, लग्न में वुध हो जिस पर मंगल
को दृष्टि हो ।
यज्ञशाला रसोई घर आदि अग्नि स्थान में--पुरष राशि के लग्न में शनि गुरु हो
जिस पर मंगल की दृष्टि हो। _
देवालय में या गौशाला में--पुरुष राशि लग्न में हो, लग्न में सूर्य हो जिसपर मंगल
की दृष्टि हो।
सुन्दर रमणोक घर में--पुरुष राशि लग्न में हो, लग्न में चन्द्र शुक्र हो जिसपर मंगल
की दृष्टि हो ।
बस्ती में बहुत मनुष्यों के समुदाय में--लग्न व चन्द्र को बहुत ग्रह देखें ।
माता-पिता के घर जन्म —a बली होकर उसके पास शुक्र हो।
पिता के घर जन्म--पितु संज्ञक ग्रह सूर्य-शनि बली हों तो पिता व उसके भाइयों
के घर जन्म ।
माता के घर जन्म-मातुसंज्ञक चन्दर-शुक्र बलवान् हों तो माता व उसकी बहन के
घर जन्म ।
फुआ या काका के घर जन्म--शनि ओर सूर्य दोनों बलवान् हों तो उक्त
घर में जन्म ।
सुने घर में जन्म--यदि लग्न या चंद्र एक राशि में हों, किसी ग्रह की दृष्टि न हो
तो जहाँ कोई पुरुष न हो ऐसी जगह मं जन्म हो ।
अंधेरे में जन्म
(१) लग्न से चंद्र कहीं हो परन्तु मकर लग्न हो कुम्भ राशि का नवांश हो अर्थात्
शनि को राशि या नवांश में चन्द्र हो तो जन्म अँधेरे में हुआ, दिन को नहीं हुआ ।
(२) लग्न से चतुर्थ में चन्द्र हो ।
(३) चन्द्र कहों हो उसे शनि देखता हो या शनि चन्द्र युक्त हो ।
(४) चन्द्र कक, मकर व मीन या जलचर राशि के नवांश में हो ।