सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 238, कुल 418 में से
संदर्भ में पढ़ें२२२ : ज्योतिष-शिक्षा, तृतोय फलित खण्ड
चूडियों का रंग--सूये और मंगल लाल रंग का संकेत करते हैं ।
चन्द्र और शुक्र--श्वेत, राहु केतु--हरा रंग, बुध-रंग विरंगी,
गुरु--पीला रंग ।
प्रसूति घर कैसाथा ,
लग्न में जो ग्रह हों उनमें जो बलवान हो उसके अनुसार या वहां ग्रह न हो तो
ऊग्नेश के अनुसार घर का विचार करना ।
लगन में सूर्य बली हो--अदृढ़ ( कच्चा ) काष्ट युक्त ।
चन्द्र बली हो-नवीन घर ।
मंगल बली हो--अग्नि दग्ध या पुराना मकान 1
बुघ बली हो--अनेक प्रकार चित्र विचित्र घर।
„ गुरु बली हो--पक्का ( दृढ़ ) घर ।
शुक्र बलो हो- सुन्दर रमणीक एवं नवीन घर अनेक चित्रों युक्त ।
शनि बली--जीण घर पुराना मरम्मत किया हुआ ।
चुवल पक्ष में-सुन्दर लीपा पोता घर ।
घर का प्रकार
१--गुरु दम में हो परमोच्च ५० पर हो-चोमंजिला घर हो ४ कमरे वाला ।
२--गुरु दशम में हो परमोच्च ५० के भीतर हो ( आरोही ) हो-तीनमंजिला घर
या ३ कोठरी वाला ।
३--गुरु दशम में हो परमोच्च ५" के आगे हो ( अवरोही ) हो-दो मंजिला घर या
२ कोठरी वाला ।
४--गुरु दशम में हो परमोच्च धनराशि का बली गुरु हो--तिमंजिला या ३
कोठे वाला ।
-अन्यमत--गुरु बलवान् होकर घन राशि में हो--तिमंजिला या ३ कोठे वाला ।
अन्य कोई ग्रह बलवान् हो--दोमंजिला या २ कोठे वाला |
अन्यकत-कून में धनराशि बली हो--तिमंजिला ३ कोठे वाला ।
लग्न में द्विस्वभाव बली हो--दोमंजिला या २ कोठे वाला ।
प्रसूति स्थान के चारों ओर स्थान का विचार
सूर्य मंगल जिस दिशा में हों-वहाँ अग्नि स्थान ( पाक घर ) ।
चंद्र जिस दिशा में हो-जल स्थान ।
बुघ जिस दिशा में हो--भंडार
गुरु जिस दिशा में हो-घन स्थान ( खजाना ) ।
शुक्र जिस दिशा हो-देव स्थान ( पुजा घर ) ।
'शनि जिस दिशा में हो-अशुभ स्थान ( मैला आदि ) 1