भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

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२२२ : ज्योतिष-शिक्षा, तृतोय फलित खण्ड

चूडियों का रंग--सूये और मंगल लाल रंग का संकेत करते हैं ।

चन्द्र और शुक्र--श्वेत, राहु केतु--हरा रंग, बुध-रंग विरंगी,

गुरु--पीला रंग ।

प्रसूति घर कैसाथा ,

लग्न में जो ग्रह हों उनमें जो बलवान हो उसके अनुसार या वहां ग्रह न हो तो

ऊग्नेश के अनुसार घर का विचार करना ।

लगन में सूर्य बली हो--अदृढ़ ( कच्चा ) काष्ट युक्त ।

चन्द्र बली हो-नवीन घर ।

मंगल बली हो--अग्नि दग्ध या पुराना मकान 1

बुघ बली हो--अनेक प्रकार चित्र विचित्र घर।

„ गुरु बली हो--पक्का ( दृढ़ ) घर ।

शुक्र बलो हो- सुन्दर रमणीक एवं नवीन घर अनेक चित्रों युक्त ।

शनि बली--जीण घर पुराना मरम्मत किया हुआ ।

चुवल पक्ष में-सुन्दर लीपा पोता घर ।

घर का प्रकार

१--गुरु दम में हो परमोच्च ५० पर हो-चोमंजिला घर हो ४ कमरे वाला ।

२--गुरु दशम में हो परमोच्च ५० के भीतर हो ( आरोही ) हो-तीनमंजिला घर

या ३ कोठरी वाला ।

३--गुरु दशम में हो परमोच्च ५" के आगे हो ( अवरोही ) हो-दो मंजिला घर या

२ कोठरी वाला ।

४--गुरु दशम में हो परमोच्च धनराशि का बली गुरु हो--तिमंजिला या ३

कोठे वाला ।

-अन्यमत--गुरु बलवान्‌ होकर घन राशि में हो--तिमंजिला या ३ कोठे वाला ।

अन्य कोई ग्रह बलवान्‌ हो--दोमंजिला या २ कोठे वाला |

अन्यकत-कून में धनराशि बली हो--तिमंजिला ३ कोठे वाला ।

लग्न में द्विस्वभाव बली हो--दोमंजिला या २ कोठे वाला ।

प्रसूति स्थान के चारों ओर स्थान का विचार

सूर्य मंगल जिस दिशा में हों-वहाँ अग्नि स्थान ( पाक घर ) ।

चंद्र जिस दिशा में हो-जल स्थान ।

बुघ जिस दिशा में हो--भंडार

गुरु जिस दिशा में हो-घन स्थान ( खजाना ) ।

शुक्र जिस दिशा हो-देव स्थान ( पुजा घर ) ।

'शनि जिस दिशा में हो-अशुभ स्थान ( मैला आदि ) 1