भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished418 पृष्ठ

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युग संवत्सरादि फलाध्याय : २४३

१४. चतुर्दशी--धर्मी, धनी, शूर, राजमान्य, यशस्वी, हास्ययुक्त, क्रोधी, क्रूर

स्वभाव, होनबुद्धि, परधन ग्राही, परस्त्री ग्राही ।

१५. पूर्णिमा--बुद्धिमान, उत्साही, परस्त्री प्रेमी, अनेक स्त्री, न्याय से घन पैदा करे,

विलासी, दयावान, पुण्यवान, भोजन में अति लालसा, बुद्धिमान ।

३०. अमावास्या--क्रोषी, आलसी, परद्वेषी, गूढ़ मंत्री, मुखं, पराक्रमी, माता-पिता

का भक्त, पर से वैर, पितर देव पूजक, क्लेश प्राप्त, घनी | .

अमावास्या जन्म-्त्री पशु, हाथी, घोड़ा या महिषो के बच्चा हो, यदि इन्द्र के

भी घर हो तो लक्ष्मी का नाश करता है ।

नंदादि तिथि जन्मफल

१. नंदा ( १-६-११ ) तिथि--दानी, पंडित, देशभक्त, ज्ञानी, अभिमानी, स्नेही,

निपुण ।

, भद्रा ( २-७-१२ ) तिथि-राजसेवक, धनवान, बंघुमान्य, परमार्थ में बुद्धि

संसार के भय से डरने वाला ।

३. जया ( २-८-१३ ) तिथि--राजपूज्य, पुत्र-पोत्र युक्त, दीर्घायु, मनोविज्ञानी,

शान्तचित्त, वीर ।

४. रिक्ता ( ४-९-१४ ) तिथि--प्रभावी, गुरु निंदक, शास्त्र का ज्ञाता, कापी,

द्रव्यहीन, बुद्धि का नाशने वाला 1

५, पूर्णा (५-१०-१५) तिथि--घनी, शास्त्र ज्ञाता, सत्यवादी, शुद्ध चित्त, पंडित 1

वार जन्मफल

१. रविवार--पित्त प्रकृति, चतुर, तेजस्वी, युद्धप्रिय, दाता, शुरवीर, पित्त का कोप,

मिष्ठान्न भोजी, अभिमानी, क्रोधी, पिंगल बाल और नेत्र, पराक्रमी ।

q. सोमवार--बुद्धिमान, घनी, शांत प्रकृति, राज्य आश्रय से जीविका, दुःख

सुख सम, मीठो बोली, कामी, दयालु अभिमानी, शास्त्र ज्ञाता 1

३. मंगलवा २>-वक्रबुद्धि, रण उत्साही, स्वकुटुम्ब पालक, घनी, नास्तिक, वेद स्मृति

निंदक कूर-कार्य परायण, साहसी टेढ़ी वाणी, दीर्घायु, तीव्र स्वभाव ।

४. बुधवार--लिपि लेखन जीवी, प्रिय भाषी, पंडित, रूप सम्पत्ति युक्त, व्यवहार

कुशल, चतुर, दयावान, देव ब्राह्मण पूजक, पुराणादि सुनने वाला, कलाविद ।

५. गुरुवार--गुणी, विवेकी, विद्वान, धनवान, राजा से कामना को प्राप्त, श्रेष्ठ

आचार, जनप्रिय, आचार्य या मंत्री की जीविका करने वाला विख्यात, यज्ञ कर्ता, वेद

आदि का ज्ञाता

६. शुक्रवार--चंचल चित्त, देव द्वेषी, विद्वान, प्रिय भाषी, प्रसन्नचित्त, धनी, वीर,

दयालु, ज्योतिषो, बहुत नौकर वाळा, सबं प्रिय, इवेत चस्त्रों को धारण करने वाला 1

७. शनिवार--पराक्रमी, दुःख युक्त चित्त, नोच दृष्टि, दृढ़ प्रतिज्ञ, क्रूर, बहीन,

दुर्बल, तमोगुणी, कुटिल, कृतघ्त, भाइयों. को पीड़ा देने बाला, क्रोधी, किये कार्य का

नाश करने वाला, अधिक केश, बिना समय ही हुढ़पा प्राप्त 1