भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished418 पृष्ठ

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२४४ : ज्योतिष-शिक्षा, तृतीय फलित खण्ड

वार होरा के जन्म का फल

१. सूयं की होरा में जन्म--क्लेश-से समय व्यतीत हो ।

” २. चंद्र ”—घनवान । |

३. मंग " "--शोक और रोग! |

४.बुघ ” "विद्या और धन। |

wa ” ` स्वं सम्पत्ति ओर प्रभुता ।

६. शुक्र "” ?-्त्रीकासुख।

७.शनि ” ”--धन का नाश।

वार होरा ज्ञान

रबिवार को प्रथम २॥ घड़ी = १ घंटा रवि का होरा रहेगा पश्चात्‌ शुक्र, बुध,

चन्द्र, शनि, गुरु, मंगल इस क्रम से वार का होरा रहेगा ७ होरा हो जाने पर ही क्रम से

आगे भी होरा रहेगा । जो वार होगा उस का होरा प्रथम रहेगा ।

पश्चात्‌ उपरोक्त क्रम से उस वार के आगे जो आवे उसी के क्रम से आगे होरा

रहेगा । जैसे शनिवार को प्रथम १ घंटा शति का होरा रहेगा पश्चात्‌ गुरु, मंगल, रवि

शुक्र, बुघ, चन्द्र का क्रमानुसार १-१ घण्टे का हो होगा 1

किसी दिन वार का होरा जानना

न - ७ छोष--जो वार हो दोष संख्या तक निम्न क्रम से जो आवे वही होरा

| होगा । क्रम शनि, गुरु, मंगल, सूर्य, शुक्र, बुध, चन्द्र । i उदाहरण .

( १ ) शनिवार को इष्ट ३० घडी पर कोन होरा है जानना है ।

: _३० घडी इष्ट? २.७. त 4७२ २१२+ ७ ८ शेष ५ । शनिवार दिन है इससे i ५ [ शनि ( १ ) आगे गुरु ( २ ) मंगल (३), सूर्य (४ ), शुक्र (५) थाया। शुक्र का [ होरा हुआ ।

|; (२) शुक्रवार को इष्ट ४५ घडी पर क्या होरा ë ।

॥ — += -ब +७८१८२७ -केष ४ । शुक्रवार का दिन है । i

॥ शुक्रवार को १ गिना, दूसरा बुंघ, तीसरा चंद्र, चौथा शनि आया = शनि का होरा हुआ ।

जन्मवार अनुसार आयु ओर कष्ट = उ

z १ रविवार--प्रथम मास छठे मास, १३ वें और ३२ वें मास में कष्ट हो । ६०

हि वर्ष जोता है ।

२ सोमवार--८, ११, १६वें मास में १७वें वर्ष में पीड़ा हो । ८४ वर्ष जीता है ।

३ मंगलवार--२ रे वर्ष, ३२वें वर्ष पीड़ा होती है, ७४ वर्ष जीता हे !

४ बुधवार--८वें मास, ¿š वषं पीड़ा होती है, आयु ६४ वषं । ६ गुरुवार--७वें, ८वें, १३वें, १६वें मास में पीड़ा होती है, आयु ८४ वर्ष 1.