भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished418 पृष्ठ

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युग संवत्सरादि फलाध्याय : २५३

मित्रों से प्रीति, क्रोधी, चलायमान चित्त, सुखी, जल सेवन में उत्साह, सुंदर हृदय, लोक

प्रिय, कृतज्ञ, कृपण, घनी, भीतरी शठ, अटलचित्त, सुह्ृद्‌ भाव पूर्ण, सुन्दर देह, वाता-

घिक्य, ऊँट सरीखी गर्दन, शरीर पर नसें, कड़े बाल, लम्बा शरीर, हाथ पैर मोटे, जंघा व पृष्ठ भाग लम्बा, मुँह बड़ा, कमर व बैठक बडी । यह शीर्षोदय, दिवावली, क्र्र, पुरुष, स्थिर, पश्चिम में वली, परिचिम की ओर मुख ।

१२-मीन लग्न--रत्न और सुवणं से परिपूर्ण, बहुत विचार कर काम करने वाला अधिक जल पिये, समुद्र या जल की उपज के व्यापार से धन प्राप्त, विद्वान्‌ कृतज्ञ, शत्रु

का दमन कर्ता, भाग्यवान्‌, अल्प भोजन, धूर्त, नम्र, घन घान्य युक्त, बली, यज्ञ करने

बाला, तालाव आदि बनवाने वाला, बहुत आदमियों का स्वामी, विलासी, अल्प रीति,

अपनी स्त्री का प्रेमी, चतुर, जल से उत्पन्न पदाथ प्रिय, गडा द्रव्य प्राप्त हो, अच्छे

नेत्र, बहुत दुबंल, पित्ताधिक्य, सुन्दर ऊँची नाक, वड़ा सिर, कांतिवान्‌ । यह उभयोदय

दोनों ओर से मुख, रात्रि और दिन दोनों में बली, सौम्य, स्त्री, द्विस्वभाव, उत्तर दिशा

में बली, ईशान की ओर मुंह ।

चंद्र को राशि का फल

१-मेष राशि-- चंचल, नेक, सदा रोगी, पुष्ट जंधा, कृतध्नी, राजा से पूज्य, दाता,

जल से भय, क्रामिनियों को आनन्द दायक, प्रचंड कमं, घनवान्‌, उग्र, परोपकारी, शील

वंत, गुशी, देव ब्राह्मण का पुजक, शूरवीर, कामो, सेवकों का प्यारा, दो स्त्रियों वाला,

संग्राम में भय, चपल, परदेश जाने में तत्पर, जल्दी चलने वाळा, गर्म भोजो, शाक भोजी,

अल्पहारी, शीघ्र प्रसन्न, भ्रमण शील, भाइयों में श्रेष्ठ, वृद्धावस्था में शांत होता हैं ।

ताँबे के समान लाल नेत्र, दुर्बल जानु वाला, शिर में qu, कुनखी, हाथ में शक्ति

का चिह्न हो ।

२-वृष राशि--नम्न, अल्प तैज, सत्य वक्ता, धनवान्‌, कामी, स्त्रियों की आशा में

चलने वाला, दीर्घायु, परोपकारी, माता पिता गुरु का भक्त, राजा का प्रिय, सभा में

चतुर, संतुष्ट, भोगी, दानी, पवित्र, चतुर, धैर्यवान्‌, बलवान्‌, क्रीड़ा करने वाला, तेजस्वी,

अच्छे भित्र, अभिमानी, सहनशील, उसकी आज्ञा लोग मानें, कन्या संतान, बहुभोजी,

यशस्वी जवानी या बुढ़ापे में सुखी ।

दृढ़ जाँघ तथा पैर, अल्प केश, देखने में कुरूप, सजीली चाल चलने वाला, कूल्हे

और मुख मोटे, पीठ, मुख, या कुक्षि में चिह्न, गर्दन बड़ी, कफ प्रकृति ।

३-मिथुन राशि--स्त्रियों में बडा चतुर, पक्की मित्रता, मिष्ठान्न भोजन, शील￾वंत, कुटुम्व का प्यारा, बालपने में सुखो, जवानी में मध्यम सुख, बुढ़ापे में दुखी, दो

स्त्रियां, गुरु का प्यारा, अल्प संतान, कामी, गायन, वांदन, नृत्य प्रिय, बुद्धिमान्‌, शास्त्र"

ज्ञाता, मिष्टमाषी, कोतिमान्‌, गुणवान्‌, घनवान्‌, चतुर, वक्ता, दृढ़ संकल्प, सर्व काम में

` समर्थ, कामशास्त्र में निपुण, दूतकमं, sar, नपुंसक से प्रीत, हास्य प्रीत, दीर्घायु

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