भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished418 पृष्ठ

पृष्ठ 272, कुल 418 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 272

-५६ : ज्योतिष-शिक्षा, तुतीय फलित खण्ड

थोड़ा बल, शुरवीर, धर्मवान्‌, रोगी, सर्वज्ञ, देवों का भक्त, सब का अभिप्राय जानने

वाला ।

( ४ ) चतुर्थ नवांश--बहुत स्त्रियाँ, श्रेष्ठ भाग्य, पूजनीय, घनवान्‌, राज्य सेवी

या राजा का मन्त्री, दोक्षा के लिए गुरु की भवित करने वाला, समस्त वस्तुओं को

प्राप्त करने वाला ।

( ५) पंचम नवांश--बहुत मित्र, राजा का नौकर, कुटुम्ब और मित्रों का सुख,

बड़ी प्रतिष्ठा, बड़ी आयु, बहुत सन्तान, सब लक्षण सम्पन्न ।

( ६ ) षष्ठ नवांश--छूरवीर, शत्रुजित्‌, देश का स्वामी, पक्की मित्रता, प्रसंग

š स्त्री से हारने वाला, अभिमानी, धन का नाशक, नपुंसक सदृश, वाचाल, शुभ हीन 1

(७) सप्तम नवांश--निधंन होकर विचरने वाला, सेना का स्वामी, पराक्रमी,

बुद्धिमान्‌, युद्ध में जीतने वाला, उत्साही, संतोषी, राजाओं की कला युवत ।

( ८) अष्टम नवांश--उदार बृद्धि, क्रोधी, खोटे आदमियों से संताप को प्राप्त,

प्रसिद्ध, धन और अन्न को खर्च करने वाला, कृतघ्न, ईर्ष्यालु, क्रूर, क्लेश भोगी,

बहु संतान, फल के सभय त्याग करने वाला 1

( ९ ) नवम नवांश--दीर्घायु, प्रसन्न देह, विद्या पढ्ने वाळा, जितेन्द्रिय, सुखी,

ज्ञाता, धर्मज्ञ, धनवान्‌, माननीय, प्रतापी , क्रिया में निपुण, प्रवीण, नौकरों से युक्त ।'* चंद्र की राशि का नवांश फल

(१) मेष नवांश--सेनांपति, घनवान्‌, पीले नेत्र, चोर ।

(२) वृष नवांश-- मोटे कंधे, मुख श्याम वर्ण । Se

(३) मिथुन नवांश--सुन्दर अंग, प्रभु का सेवक, लेखक, पंडित ।

(४) कर्क नवांश--श्याम शरीर, पितृ पुत्र सुख से रहित ।

(५) सिह नवांश--स्थूछ शरीर, ऊंची नासिका, घन बल में विख्यात ।

(६) कन्या नवांदा--कोमल वचन, दुर्बळ शरीर, जुआ खेलने में निपुण ।

(७) तुला नवांश--कामी, राजा का सेवक, सुन्दर नेत्र ।

(८) बृश्चिक नवांश--विकल, दरिद्र, दुर्बल शरीर, त्यागी, तपस्वी, धनी ।

(९) धनु नवांश--दुर्बल, बड़ी बाहु, त्यागो, तपस्वी, धनी ।

(१०) मकर नवांश--लो भी, gsl शरीर, स्त्री पुत्र से युक्त ।

(११) कुम्भ नवांश--मिथ्यावादी, अपनी स्त्री के वशीमूत ।

(१२) मीन नवांश-कोमल वचन, हीन वचन, कभी न बोलने वाला, तीय॑यात्री, पुत्रवान्‌ । चरण अनुसार राशि (चन्द्र राशि) का जन्मफल

१-मेष राशि

१ चरण--राजयुक्त; २ चरण--घनी, ३ चरण--विद्वान्‌, ४ चरण--देव गुरुभक्त, ५ चरण--चोर, ६ चरण-क्राल भाषाहीन, ७ चरण--योगीन्द्र, ८ चरण--निर्धन,

९ चरण--शुभ लक्षण युक्त ।