भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished418 पृष्ठ

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युग संवत्सरादि फलाध्याय : २५७

२-चुष राशि

१ वरण-ऱयशस्वी, २ चरण--पुत्रवानू, ३ चरण-श्रबीर, ४ चरण--शुभ छक्षण, ५ चरण--विद्यावान्‌, ६ चरण--सौभाग्यवान्‌, ७ चरण--कुछ मंडन, < चरण--धन धान्य समर्थ, ९ चरण--परस्त्री चोर | ३-मिथुन राशि

१ चरण--भाग्यवान्‌, २ चरण--निर्घन, ३ चरण--क्रुत्सित भाषी, ४ चरण--

धर्नरवर, ५ चरण- भाग्यवान्‌, ६ चरण--घन sr भोगो, ७ चरण--चोर,

८ चरण-महात्म सिद्धि, ९ चरण--देव गुरु का मान करने वाला । ४-ककं राशि

१ चरण--धनवान, २ चरण--महीपति, ३ घरण--पुत्रेश्‍वर, ४ चरण-- विद्यावान्‌, ५ चरण--धर्मयान्‌, ६ चरण--चोर, ७ चरण---निर्घन,. ८ चरण--- देशपति, ९ चरण--कुल मंडन ।

५-सिह राशि

१ चरण--राज मान्य, २ चरण--धनेशवर, ३ चरण-_तीर्थयात्री, ४ चरण--

पुत्रवान्‌, ५ चरण--स्वपक्ष हीन, ६ चरण--मातु-पितु तारक, ७ चरण--राजमान्य,

८ चरण--धनघान्य समर्थ, ९ चरण--निघंन ।

६-कन्या राशि

१ चरण--निधेन, २ चरण-पुत्रहीन, ३ चरण-शत्रु मारक, ४ चरग--धनवान्‌,

५ चरण--भोगी, ६ चरण-पृत्रवान्‌, ७ चरण--राजमान्य, ८ चरण--सर्व समर्थ,

९ चरण--पराक्रमी मातु-पितु गुरु भक्त ।

७-तुला राशि

१ चरण--घन भोगी, २ चरण--धनेईवर, ३ चरण- निर्घन, ४ चरण--माषा

हीन (तेज रहित) ५ चरण--कमों को जानने वाहा, ६ चरण-स्त्री चोर,

७ चरण--मातृ-पितृ उद्धारक, ८ चरण--राजमान्य, ९ चरण--भाग्यवान्‌ ।

८-त्रुश्चिक राशि

१ चरण--वनेश्वर, २ चरण--यशवान्‌, ३ चरण--आगम शास्त्र में प्रवीण,

४ चरण-तेज रहित, ५ चरण--कुल भ्रमण, ६ चरण-घनधान्य में समर्थ, ७ च रण￾विद्यावान्‌, ८ चरण--राजमान्य, ९ चरण--यशवान ।

“धन राशि

१ चरण--ज्ञानवान्‌, २ चरण--निर्वन, ३ चरण- नीच कर्मकर्ता, ४ चरण

राजमान्य, ५ चरण--क्रोधी, ६ चरण-पुत्रवान्‌, ७ चरण--काम लम्पट, ८ चरण

घनेइवर, ९ चरण--दघि« विकारो ।

१०-मकर राशि

१ चरण--भंगहीन, २ चरण--गुरुषक्त, २ चरण--पर स्त्रो रत, ४ चरण--शुम

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