सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 277, कुल 418 में से
संदर्भ में पढ़ेंयुग संवत्सरादि फलाध्याय : २६१
की आयु । वैशाख कृष्ण पक्ष आश्लेषा नक्षत्र में शुक्रवार को पहिले प्रहर में मृत्यु हो
( जा० भ० ) °
(८) वृश्चिक राशि--२ मास में कष्ट, ७ वर्ष में अंग रोग, ८ वर्ष में जलघात,
१३ वर्ष में वृक्ष घात, ३२-३५ वर्ष में अंग रोग, लोह घात, ४५ वर्ष में अंग रोग ।
६३ वर्ष में अल्प मृत्यु, राशि को शुभग्रह देखे तो ७५ वर्ष २ माह ७ दिन जीता है,
ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष एकादशी मंगळवार प्रथम पहर में देह त्यागे, (मान० सा० ) १ वर्ष
में ज्वर की पीडा, तोसरे में अरिन भय, ५ में ज्वर भय, १५ में ज्वर भय, २५ में बड़ी
पीड़ा, चन्द्र पर शुभ दृष्टि हो तो ९० वर्ष की आयु हो, ज्येष्ठ शुक्ल दशमी बुधवार
हस्तनक्षत्र में आधीरात को देह त्यागे । ( जा० भ०)।
(९) घनराशि--५ मास, ३ वर्ष में कष्ट, ९ में अंग रोग, ११ में चक्षु पीडा,
१६ š जलघात, २४-२६ में अंग रोग, ४७, ५७, ६७ में सर्प, जलघात, अल्प मृत्यु क्रमशः
हो, चन्द्र पर शुभ दृष्टि हो तो ८५ वर्ष जीकर आषाढ़ qas प्रतिप्रदा गुरुषार हस्तनक्षत्र
š गोधूलिका के समय देह त्यागे । ( मान सा० ) पहिले वर्ष में बाघा, १३ में बड़ी
थीड़ा, ६८ या ७५ वर्ष को आयु होतो है । चन्द्रमा पर शुभ दृष्टि हो तो १०० वर्ष
जिये। आषाढ़ शुक्ल ५ शुक्रवार रात्रि में हस्त नक्षत्र में मृत्यु हो । (जा० wo)
(१०) मकर राशि--३ मास में कष्ट, १ मास में देव दोष पोड़ा, रे वर्ष में अंग
रोग, ७५ में देव दोष, १० में अंग रोग, अग्नि पीडा, ३२ में लोह घात, ३३ में कष्ट,
४३, ५१ में अल्प मृत्य, चन्द्र पर शुभग्रह की दृष्टि हो तो ८१ वषं जोकर शुक्लपक्ष की
यंचमी श्रवण नक्षत्र में मृत्यु हो । ( मान सा० ) ५ वषं में पीडा और ७ में जल भय,
१० में वृक्ष से गिरे, १२ वर्ष में शस्त्र से भय, २० में ज्वर, २५ में अंगों में पीड़ा, २५
जें वायें अंग में अग्न भय, ९० वर्ष की आयु, श्रावण शुक्ल दशमी मंगलवार ज्येष्ठा
नक्षत्र में मृत्यु हो । |
(११) कुम्भराशि--सात दिन में कष्ट, १८, ३२ वर्ष में अल्प मृत्यु भय, चन्द्र पर
शुभ दृष्टि हो तो ६१ वर्ष जीकर माघ मास शुक्ल २ गुरुवार के दिन उत्तर भाद्रपद
अक्षत्र में मृत्यु हो (मान सा० ) पहिले वर्ष में पौड़ा, ५ में अग्नि भय, या १२ में सपे
से या जल से भय। २८ में घाव चोरों से, ९० वर्ष की आयु पाकर भाद्र कृष्ण चतुर्थी
शनिवार भरणी नक्षत्र में मृत्यु हो ( जा० भ० )
(१२) मीन राशि--१८, ३३ वर्ष में क्लेश । चन्द्र को शुभग्रह देखता हो तो
६१ वर्ष आयु पाकर माघ शुक्ल १२ गुरुवार पुनवंसु नक्षत्र में प्रातः काल देह त्यागे ।
(मान सा० ) ५ वर्ष में जल से भय, ८ में ज्वर की पीडा, २२ में बढी पीड़ा, २४ में
पूवे को यात्रा, ९० वर्ष की आयु में आश्विन कृष्ण पक्ष को द्वितीया गुरुवार कृतिका नक्षत्र
में सायंकाल में मृत्यु हो (जा० भ०) ।