सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंकालांग विचार : २७१
सता चुके
(६)
हैं।
शुक्र शुक्र अशुभ हो तो वह व्रणकारी होता है इसके सम्वन्ध में पहिले
क चोट ( ७
से
)
या
शनि--यह
किसी
ब्रण कारक हो या उस द्रेष्काण पर शनि की दृष्टि हो तो पत्थर जल विकार ms T< से या वात रोग से घाव करता है (८) रवि चन्द्र--जिस
शुभगृही या द्रेष्काण में हों उसमें भो व्रण आदि करते हँ । और
विलादि होते
पाप
हैं
गृही
।
से भी ब्रण होते हैं परन्तु शुभ ग्रह की दृष्टि से ब्रण नहीं हो दो
ग्न (९) शुभ ग्रह ब्रण कारक हो तो शुम कमं से घाव व्रण आदि होते हूँ । से शरीर का विचार
लग्न से शरीर को ये बातें जाननी चाहिये ।
(७) (१) रूप (२) वणं (३) जाति-कुछ (४) शरीर पर चिह्न (५) सुख (६) दुःख शरीर का प्रमाण ठिंगना ऊँचा आदि (८) स्वभाव क्रूर शांत आदि (९) आयुष । इनके विचार के नियम
( १ ) कोई भी लग्नेश लग्न में हो, स्व नबांश में हो, वह सब ग्रहों में बली हो तो उसका जो रूप गुण स्वभाव आदि है बहुत करके उसी के अनुसार उपरोक्त बाते प्रगट होंगी ।
(२) लग्नेश लग्न में नहीं हो दूसरे स्यान में हो तो बह जिस ग्रह के नवांध में हो उस ग्रह सरीखी उपरोक्त बातें होंगी । (३) रूस में जो ग्रह हो उस सरीखी उपरोक्त बातें होंगी । २-४ ग्रह लग्न में हों तो उसमें से जो विशेष बली हो उस सरीखी बातें होंगी । या कुण्डली में सब ग्रहों में जो बलवान हो उस सदृश उपरोक्त बातें होंगी । ( ४ ) उपरोक्त योगों में से कौन होना चाहिए या इन सबका प्रभाव होगा, इसका विचार करना पड़ेगा । आयु के प्रमाण से जो बलवान् होगा उस ग्रह का गुणदोष पहिले होगा । बाद को उससे कम बल वाले का प्रभाव होगा । 2 इसो प्रकार सम्पूर्ण १२ भाव के सम्वन्ध से भी विचार होगा । ग्रह के गुण घमं स्व- रूप आदि जो पहिले दे चुके हँ 1 उनपर यह विचार करना होगा । मनुष्य के गुण, वर्ण, मूत्ति आदि इस प्रकार भी जानना लरन का सप्त वर्ग निकालना उसपर से विचार करना । मूति (शरीर)--लग्न का जो नवांश हो या जो लग्नेश हो उस सरीखी मृति होगी । वर्ण--चंद्र जिस ग्रह के नवांदा में हो उस सदृश वर्ण होगा 1 गुण--सूर्य जिस ग्रह के नवांश में हो उस सदृश गुण सतगुणो, रजोगुणी, तमोगुणी आदि होगा ।
स्वरूप विचार
(१) छन में जिस नवांद का उदय हो उस नवां के समान स्वरूप होगा या तत्काळ
(