भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished418 पृष्ठ

पृष्ठ 292, कुल 418 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 292

२७६ : ज्योतिष-शिक्षा, तृतीय फलित खण्ड

(८) वृश्चिक-गठन व शरोर मध्यम आकार का, ऊंचाई मध्यम, चलने में तिरछः

चले, नाक नुकीलो, स्वभाव क्रोघो, कपटी, साहसी, आत्म विश्वासो, परिश्रमो, निश्चयो

ब ढोठ, वैद्यक शस्त्रक्रिया रसायनशास्त्र, सिपाही गिरी व इंजीनियर के समान कोई

घंघा करने से लाभ हाता है, व्यापार से लाभ हो, सावधान और बहुत झगडाकू, झगड़ने

में परिणाम या हानि का विचार न करे और हठ से निश्‍चय पूर्वक झगडा चाळू रखे,

स्वभाव मे व्यसनी और बे रोक, अपना स्वास्थ्य बिगाड़े, अपने ध्येय प्राप्त करने का अति

परिश्रम करे, बदला लेने वाला, सरलता से उत्तेजित होने वाळा, स्ष्पट वात करने में

कोई पशोपेश न करे, जोबन में उच्च स्थिति रहे, अपने वर्ताव से दूसरों को डर उत्पन्न

करे, उससे मतभेद करने वाले का विरोधो, काम काज में संक्षिप्तता ।

(९) घनु--ऊँचा शरीर, मजबूत, गठोला बदन, सुन्दर गौर वर्ण का दुसरे पर

सरलता से अपनी छाप डालने वाला, लम्बा चेहरा, गंजा, निडर साहसी, स्पष्ट वक्ता,

यात्रा, खेल, शिक्षा वदान्त विषय, घामिक विषय, कानून का प्रेमो, सरल और स्वच्छ

हृदय, सत्य और न्याय के लिए बहुत प्रयत्न करे, उच्च आत्मा, पारितोषिक का विचार

कर काम करने वाला, किसो बात को अच्छी प्रकार समझे । अपने गुण से उच्च स्थिति

प्राप्त करे, तत्त्व ज्ञान की ओर मन का झुकाव रहे । घन सम्पत्ति आदि को असत्य समझे,

घमं और तत्त्व ज्ञान के कायं में बहुत प्रेम, बिना दिखावट के शांत जीवन व्यतीत फरे,

उसका जीवन मनुष्य की सेवा में छगा रहे, दूसरों के दु:ख के लिये अपने सुख का भी

त्याग करे, अपने कुटुम्ब ओर जाति में वह बहुत चतुर और स्मरणोय होगा, उसके बहुत

से आश्रित और सेवक रहें ।

(१०) मकर “साधारण मध्यम शरोर, दुबला, बड़ी नाक, पूर्य आयु में अशक्त,

ठुड्डी लम्बी आगे बढो हुई, लम्बी गर्दन, सकरी छाती, दाढ़ी में थोड़े बाल, पाल काळे क मजबूत, आत्म विश्वासी महत्त्वाकांक्षा, दोघं उद्योगी, टीका टिप्पणी करने वाला, स्वार्थी, लोभी, मौजी, उत्तर वय में आगे प्रसिद्ध होता है । महत्त्वाकांक्षी होने से अधिकार s सम्पत्ति के लिए अनेक प्रयत्न, सब कार्य में बहुत उत्साही, दृढ्तापुर्षक कायं करने वाला, जो उसे हानि पहुंचावे उसका बदला लेने वाला, दुसरे के विचारो की कुछ परवाह न कर अपने विचार स्पष्ट प्रगट करे, कटाक्ष करे, झाकत चित्त, शंका के कार्य में सावघानी से बिचार पुर्वक कायं करे, ईश्वर और भक्त को मानने वाळा, अपने आश्रितां के कार्य , साधन मे चतुर, अधिक जांच पड़ताल करने वाळा नहीं केवल अपने काम की परवाह करने वाला, अपनी कीति प्राप्त करने का प्रयत्न ste, मित्रों और सम्वन्षियों में मान- नीय और प्रसिद्ध होने का इच्छुक ।

(६१) कुम--रूप साधारण सुन्दर, शरीर का गठन मध्यम, शरोर बलवान्‌, वणे साधारण उजला, विद्वान्‌, अच्छा स्वभाव, निश्चयी, व्यवहार कुशळ, चतुर, विद्याव्यसनी, ज्ञान अधिक, मामिक, सार्वजनिक संस्था में काम करने से लाभ, दयाळू, दुसरो के कार्या में सहायता पहुँचाने वाळा, दसरों का == न देव पकने वाला, दूसरों का विचार भाव