भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished418 पृष्ठ

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२८० : ज्योतिष-शिक्षा, तुतोय फलित खण्ड

बिचार से ककं ओर मीन जल तत्व में पूणं जल राशि है । वृश्चिक मेंुछ न्यूनता है क्योंकि वह पाद जल (३) राशि है । : (g) इसी प्रकार पृथ्वी तत्त्व को राशि १०-२-६ में मकर पूर्ण जल राशि है ।

इससे मकर के शरोर में स्थूलता और दृढता दोनों प्रदान करने की शक्ति है । वृष को ३ (अद्ध ) जल होने के कारण स्थूलता में कमी Š । कन्या ये जल शून्य है इससे वह राशि दृढता तो अवश्य देगी परन्तु स्थुल कुछ नहीं होगी 1

(ग) गरिन राशियों में घन अद्ध' जळ, मेष पादजळ और सिंह निर्जल है इससे शरीर में स्थूलता प्रदान करने को शक्ति में मेष से सिंह कम है ।

(ष) वायु राशियों में कुंभ sas, तुला पादजल, मिथुन निर्जल है स्थूलता

प्रदान करने में एक दुसरे से निर्बल है । इन सब बातों के विचार करने से शरीर के गठन का अनुमान होता है ।

४--जल राशि और जल ग्रह के प्रभाव से शरीर में जल की अधिकता होने से मोटे

पन की संभावना है 1

(क) वायु राशि, अग्नि राशि और शुष्क ग्रह के प्रभाव से शरीर में दुर्चलचा

घाती है ।

(ब) पृथ्वी राशि और पृथ्वी ग्रह के प्रमाव से शरीर में दृढ़वा आती है पृथ्वो तत्त्व शै अस्थि आदि की बनावट होती है | afeq दुह होती है जल तत्त्व छै शरीर में घर का बंश बहुत होता है । दृढ शरीर वारे फो हड्छियाँ दुढ़ होंगी । असाधारण गोटे मनुष्य फे शरीर में जल का अंश बहुत होता है । इन सब बातों फा राशि और uq फे योग से विचार करने से शरीर का अनुमान होता है ।

५--इससे शरोर का विचार करने को इन बातों पर ध्यान देना ।

(अ) लग्न राशि कैसी है (क) लग्नेश कैसा है (ख) लग्नेश कौन राशि में ë (ग) लग्नेश के साथी ग्रह कैसे Ç (q) लग्नेश विक में तो नहीं है (छ) छन्न में प्रहु केसा ë 1 (च) लग्न पर कैसे ग्रह की दृष्टि है (छ) लर्न से गुरु का क्या सम्वन्ध है गौर गुर केसा हे इन सब पर विचार कर नीचे बताई बातों पर ध्यान देकर शरीर के गठन फा अनुमान करना ।

६--(क) जल राशि हो, वहाँ जल ग्रह हो--शरीर गवश्य मोटा होगा । (ख) छरनेश और लग्न जल <rfsr— स्थल शरीर, (ग) लग्न में अग्नि राधि और अग्नि प्रह भी हो--मनुष्य बळी होगा परन्तु शरीर की पुष्टि तथा मुटाई न होगी । (घ)-- लग्ने में अग्नि व वायु राशि लग्नेश पृथ्वी राशि गत हडडी साघारण दृढ. और पुष्ट (ङ) छन्न में अग्नि व वायु राशि लग्न जळ राशि गति शरीर स्थूल ब मोटा (च) लग्न में अग्नि व वायु राशि शरीर ठोस पर मोटा हड्डी नहीं होतो (छ) sa वायुराशि व वायु ग्रह व शनि दुबळा पर तीक्ष्ण बुद्धि, (ज) लग्न पृथ्वी राशि और पृथ्वी ग्रह नाटा या दुदकाय हो। (श्र) छनन पृथ्बी राशि छसे पृथ्वी राशि हुद्ढी असाधारण ख्य घे