सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंभिन्न-भिन्न राशि में ग्रहों का फल : २८९
दुष्ट, अनेक पुत्र होने के कारण सदा दुःखी (मान०) (जा० म० ) । अनेक दुःखों से पीड़ित निघंन, पोड़ित, मिथ्या वादी, क्रूर (qo जा०) ।
(१२) मंगल मीन का--व्यसनी, खल, निर्दय, बिकल, अपने घर से अन्यत्र घुमने वाला, निबुद्धि, कुबुद्धि से उसका नाश हो (जा० wo) (मान०) । घन में मंगल qaw फल (qo जा० ) 1
४ बुध का राशि फल
१-बुष मेष में--खल बुद्धि, चंचल मन, बहुत भोजी, कलह कारक, निर्दय, कर्ज लेने वाला, इच्छित वस्तुओं से रहित, भूमि फे साघन रहित (जा० भ०) (मान०) 1 भौम क्षेत्री (१-८ राशि का)--जुआ, ऋण आदि, परघन {लेने में, मद्यपान में, नास्तिकता में, चोरी में तत्पर, दरिद्री, उसकी स्त्री निन्दा करे, झूठा, घमंडी और अघर्मी (बु० जा०) ।
२-बुध वृष का--दानी, अनेक वस्तुओं का देने वाळा, गुणी, अनेक कला कुशल, फामी, घनी, पुर और छोटे भाई से सुख पावे (मान०) (जा० भ०) । शुक्र क्षेत्री (२-७ राशि का)--उपदेश, शिक्षा फरने वाला आचार्य हो, स्त्री तथा संतान बहुत, धन जमा करने में तत्पर, उदार, माता-पिता और गुरु की भक्ति में तत्पर (वृ० जा०) ।
३-बुघ मिथुन का--प्रिय वचन भाषी, रचनाओं में चतुर, २ माता हों, शुम वेष चाला, स्थान और भोजन से सब प्रकार सुखी (मान०) (जा० भ०) । वाचाल, क्रूरबोलने
चाला, शास्त्र विद्या गीत वाद्य, नृत्य आदि कला का ज्ञाता, प्यारी वाणी, सुखी (qo
ल्ला०)॥
४-बुघ ककं का- दुष्ट आचरण, राज सेवा में रुचि, परदेश जाने वाला, सुन्दर
स्त्रियों के साथ रमण करने वाला, गाने बजाने व कलाओं में आदर करने वाला ( मान० ) ( जा० भ० ) । जल कमं से उत्पन्न घन से घनवान्, मित्र बन्चुजनो का
शत्रु हो ।
५-बुघ सिंह का--मिथ्यावादी, दुष्ट बुद्धि, सहोदर भाइयों का वरी, स्वस्त्री को
प्रसन्न रखे, शत्रुओं के वश में रहने वाला, अपनी उन्नति से रहित, स्त्रियों के साथ
आनन्द करने वाला, (मान०) (जा० wo) स्त्रियों का बेरी, घन, पुत्र, सुख इनसे रहित,
फिरने वाला, मूर्ख, स्त्रियों की बहुत अभिलाषा करने वाला, अपने जनों से पराजित
(बृ० जा०)।
६-बुघ कन्या का-- सुन्दर वचन, चतुर, लिखाई का काम करने वाला, अति उन्नति
पाने वाला, सुख पाने वाला, उत्तम नेत्र वाली स्त्री के साथ सुख भोगने वाला (मान०)
(जा० भ०) । दाता, पण्डित, गुणवान्, सोस्यवान्, क्षमावान्, निभंय, प्रयोग युक्ति जानने
वाला (qe जा०) |
७-वुघ तुला का--मिष्ट भाषी, खर्च करने में उद्यत, अनेक शिल्प जानने वाला,
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