सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 350, कुल 418 में से
संदर्भ में पढ़ें३३४ : ज्योतिष-शिक्षा, तृतीय फलित खण्ड
लाल वस्त्रों को पहनने में आनन्द, महादेव का ब्रत करे, भाग्य हीन (जा० सं०) ।
१४ वर्ष में बात भय (हिल्लाज) ।
पाप करने वाला । मकर राशि का हो तो कुशल हो, घन जमा करे (प्रा० यो०) ।
४-नवम में बुध का फल
शुभगृही--घन, स्त्री पुत्र से युक्त । पाप युक्त-कुमार्गी, घर्म का निंदक, बड़ा
उद्यमी (मान०) ।
विद्या और घन प्राप्त, सत आचरण, प्रवीण, अति वाग्मो, खेलने में दक्ष (फळ०) ।
दाता, सत्य युक्त, प्रसन्न चित्त, घमं में तत्पर, प्रसिद्ध, शुभकर्मी (खान०) ।
उपकारी, श्रेष्ठ विद्या, आदर करने वाला, नौकर, घन पुत्र से हुर्ष। संसार से दरणे
का उद्यम करने वाला (जा० भ०) ।
घमंवान, कूआँ, बाग आदि का बनवाने वाला, सत्यवक्ता, निवृत्तं और पिता का
प्यारा (७० चं०) ।
सूये तुल्य फल, पुत्र घन सुख रुक्त (बु० जा०) (प्रा० यो०) ।
घर्म का घनिक, शास्त्री, शुभ आचारवान् (जा० पारि०) ।
पापग्रह हो तो मंद भाग्य, बोद्ध मतका अनुयायी । शुभग्रह हो तो भाग्यवान्,
बर्मात्मा (जा० सं०) 1 २९ बर्ष में माता का मरण (हिल्लाज) ।
५-नवम में गुरु का फल
श्रेष्ठ राजा के समान घनी, पवित्र रहुन, कृपण, सुख भोगी, अति घनी, स्त्रियों को
प्रिय (मान०) 1 प्रसिद्ध मंत्री, धन पुत्र युक्त, सत्कार्य में उत्सुक (फल०) ।
बडा आदमी, भाग्यवान्, रूपवान्, बहुप्रिय, सुकीवि, ईश्वर भक्त, (मान०) ।
राजा का मन्त्री, श्रेष्ठ कर्म, शास्त्रों के विचार में मन, ब्रत करने वाला, ब्राह्मणों
की सेवा करने में तत्पर (जा० भ०) !
घर्म करने वाला, साधुओं का संग, शास्त्र, चेष्टा रहित, तीथं सेवक, ब्रह्म का
जानने वाला (ल० च०) 1
तपस्वी (qo जा०) । ज्ञानी, धर्म में तत्पर, राजा का मन्त्रो (जा० पारि०) ।
अनेक तीथ कर्ता, सुन्दर शरीर, सुखी, गुणी, देवयज्ञ कर्ता, परमार्थी, अधिक कीति
कुल बढ़ाने वाला (जा० सं०) ।
भाग्यवान, तीर्थ यात्रा करे, माँ बाप का सेवक, व्रत, यज्ञ, याग, प्रेमी, धम कार्य
प्रिय) भाग्य बढ़े, अंत में साघु व तपस्वी हो (प्रा० यो०) ।
-नवम में शुक्र का फल
उत्तम तीथं में स्थान करने वाला, सुन्दर शरीर, सुख भोगी, देव ब्राह्मण भक्त,
पबित्र, स्वउपाजित घन से आनन्द (मान०) ।
स्त्रीयुक्त, मित्र सन्तान युक्त, राज कृपा से उन्नति शील (फल०) ।